इंदौर में SIR के दौरान कटे 4.47 लाख मतदाताओं के नाम, अब सूची में वापस जोड़ने की कवायद
इंदौर में SIR के दौरान सूची से बाहर हुए 4 लाख 47 हजार 123 मतदाताओं की फिर तलाश होगी। 3226 बूथों पर BLO सत्यापन करेंगे।
इंदौर। इंदौर में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाए 4 लाख 47 हजार 123 मतदाताओं को अब दोबारा तलाशा जाएगा। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश के बाद जिला प्रशासन इन मतदाताओं का सत्यापन कराएगा। जिले के सभी 3,226 मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल अधिकारी (BLO) संबंधित मतदाताओं तक पहुंचकर उनकी पात्रता की जांच करेंगे। सत्यापन में पात्र पाए जाने पर उनके नाम फिर से मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे।
SIR से पहले अक्टूबर 2025 में इंदौर जिले की मतदाता सूची में 28 लाख 67 हजार 294 नाम दर्ज थे। पुनरीक्षण के दौरान 4,47,123 मतदाताओं के फॉर्म प्राप्त नहीं हुए। जिसके चलते 23 दिसंबर 2025 को जारी प्रारंभिक सूची में कुल मतदाताओं की संख्या घटकर 24 लाख 20 हजार 171 रह गई। इस तरह पुनरीक्षण प्रक्रिया के शुरुआती चरण में ही बड़ी संख्या में नाम सूची से बाहर हो गए।
इसके बाद SIR अवधि में 66,825 मतदाताओं के नाम जोड़े गए। 21 फरवरी 2026 को जारी अंतिम मतदाता सूची में जिले में कुल 24 लाख 86 हजार 996 मतदाता दर्ज हुए। अंतिम प्रकाशन के बाद भी नाम जोड़ने की प्रक्रिया जारी रही और अब तक 15,567 नए मतदाता सूची में शामिल किए जा चुके हैं। वर्तमान में इंदौर जिले की मतदाता संख्या 25 लाख 2 हजार 563 है।
अब प्रस्तावित अभियान में मुख्य फोकस उन 4.47 लाख मतदाताओं पर रहेगा जो SIR के दौरान सूची में शामिल नहीं हो सके थे। BLO पुराने रिकॉर्ड और उपलब्ध जानकारी के आधार पर संबंधित लोगों से संपर्क करेंगे। पात्रता की पुष्टि होने के बाद नाम जोड़ने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इसके बाद दावे और आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी तथा प्राप्त आपत्तियों के निराकरण के बाद पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल किए जाएंगे।
SIR की प्रारंभिक सूची में विधानसभा क्षेत्रों के हिसाब से सबसे बड़ी कमी इंदौर 5 में दर्ज हुई। वहां 87,591 मतदाताओं की संख्या कम हुई। इंदौर 1 में 75,014 और इंदौर 2 में 72,969 मतदाताओं की संख्या घटी। इसके अलावा महू में 27,673 और सांवेर में 24,811 मतदाताओं की कमी सामने आई थी। नए अभियान में इन्हीं तरह से सूची से बाहर हुए मतदाताओं में पात्र लोगों की पहचान की जाएगी।
प्रशासन विलोपित मतदाताओं की पहचान के लिए परिवर्तन वाले मतदान केंद्रों के रिकॉर्ड के साथ पुरानी और वर्तमान मतदाता सूचियों के मिलान से तैयार जानकारी का इस्तेमाल करेगा। इसका उद्देश्य उन पात्र मतदाताओं को दोबारा सूची में शामिल करने का अवसर देना है, जिनके नाम विभिन्न कारणों से हट गए थे।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के अनुसार, गैर SIR अवधि में नाम जोड़ने के लिए निर्धारित निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1960 के प्रपत्रों का इस्तेमाल किया जाएगा। साथ ही फार्म 6 के साथ दी जाने वाली घोषणा में साल 2003 से संबंधित जानकारी देना अनिवार्य नहीं होगा।
इस पूरी प्रक्रिया के बाद पात्र पाए जाने वाले मतदाताओं को दोबारा मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा। इस तरह SIR के दौरान सूची से बाहर हुए नामों की जांच और पुनः समावेशन की प्रक्रिया अब जिले के सभी 3,226 बूथों के स्तर पर आगे बढ़ेगी।




