संसद अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, मानसून सत्र के आखिरी दिन लोकसभा 1 मिनट और राज्यसभा 1 घंटे ही चली
लोकसभा में पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, पूरी कैबिनेट और विपक्ष के नेता राहुल गांधी मौजूद रहे। स्पीकर ओम बिड़ला ने वंदे मातरम् गान के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।
नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र गुरुवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। लोकसभा की कार्यवाही आखिरी दिन सिर्फ 1 मिनट चली, जबकि राज्यसभा करीब 1 घंटे चली। तय शेड्यूल के मुताबिक, आज ही सत्र आखिरी दिन था। आम तौर पर कार्यवाही शाम तक चलती है लेकिन समय से पहले करीब 11 बजे ही स्थगित हो गई। खास बात ये थी कि आखिरी दिन सदन में पीएम मोदी और अमित शाह भी पहुंचे थे।
लोकसभा में पीएम मोदी, पूरी कैबिनेट और विपक्ष के नेता राहुल गांधी मौजूद रहे। स्पीकर ओम बिड़ला ने वंदे मातरम् गान के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। वहीं, राज्यसभा में आखिरी दिन MMDR संशोधन बिल पास हुआ। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी में उनके कार्यक्रम के बाद हुए शुद्धिकरण का मुद्दा उठाया।
मानसून सत्र में लोकसभा की 19 बैठकें हुईं। सदन की सामान्य बैठक सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक होती है। दोपहर 1 से 2 बजे तक लंच ब्रेक रहता है। यानी एक दिन में करीब 6 घंटे कार्यवाही का समय होता है। इस हिसाब से 19 बैठकों में करीब 114 घंटे कार्यवाही होनी थी, लेकिन यह करीब 17 घंटे 30 मिनट ही चली। यानी करीब 96 घंटे 30 मिनट कम कार्यवाही हुई। वहीं, 2025 का मानसून सत्र 21 जुलाई से 21 अगस्त 2025 तक चला था। इसमें लोकसभा और राज्यसभा की 21-21 बैठकें हुईं। लोकसभा में सिर्फ 37 घंटे काम हुआ था।
इससे पहले संसद का सुचारू रूप से संचालन न होने को लेकर टीएमसी सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने केंद्र पर हमला भी बोला था। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ‘नूडल्स की तरह कानून’ बना रही है। डेरेक ने दावा किया कि 17 दिनों में 10 विधेयक पास किए गए और प्रत्येक बिल को चर्चा के लिए औसतन महज 4 मिनट मिले। डेरेक ओ'ब्रायन ने कहा कि संसद को एक ‘गहरे, अंधेरे कमरे’ में बदला जा रहा है।




