प्रेमानंद महाराज को जेड प्लस सुरक्षा देने की मांग, शिष्ट रसिक दुलारी की मौत के बाद बढ़ा है विवाद

वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के शिष्य की खौफनाक मौत के बाद बड़ा बवाल मच गया है। सीएम योगी से महाराज को तुरंत Z+ सुरक्षा देने की मांग की गई है।

Updated: Oct 05, 2026, 01:02 PM IST

वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा को लेकर मांग तेज हो गई है। पिछले दो दिनों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दो अलग-अलग पत्र भेजकर उन्हें जेड प्लस सुरक्षा देने की मांग की गई है। श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश शर्मा के बाद अब वृंदावन के कुछ संतों ने भी मुख्यमंत्री से महाराज की सुरक्षा बढ़ाने की अपील की है। यह मांग प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी की मौत के बाद आश्रम से जुड़े विवादों और उठ रहे सवालों के बीच सामने आई है।

रसिक दुलारी की मौत को नौ दिन बीत चुके हैं और पुलिस मामले की जांच कर रही है। इसी दौरान राधा केली कुंज आश्रम से जुड़े घटनाक्रम को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आई हैं। मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्रों में दावा किया गया है कि आश्रम और आसपास जमीन से जुड़े विवादों के चलते कुछ असामाजिक तत्व सक्रिय हो सकते हैं और प्रेमानंद महाराज को नुकसान पहुंचाने का खतरा पैदा हो सकता है। हालांकि, इन आशंकाओं की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

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सुरक्षा की मांग को लेकर पहला पत्र श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजा था। इसके अगले दिन कुछ संतों की ओर से भी मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर प्रेमानंद महाराज को जेड प्लस सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की गई। पत्रों में आरोप लगाया गया है कि आश्रम से जुड़े विवाद और वर्चस्व की कथित लड़ाई के बीच कुछ लोग महाराज की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर सकते हैं। इसी आधार पर संतों ने किसी अप्रिय घटना से पहले उनकी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।

सुरक्षा की मांग की मुख्य वजह प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी की मौत को बताया जा रहा है। नौ दिन पहले रसिक दुलारी ने आश्रम की छत से छलांग लगाकर जान दे दी थी। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और अब तक 85 लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। पुलिस के मुताबिक, CCTV फुटेज में रसिक दुलारी को छत से कूदते हुए देखा गया।

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मामले में पोस्टमार्टम के दौरान उनके निजी अंग पर गंभीर चोट की बात सामने आई थी। पुलिस के अनुसार, जांच में यह जानकारी सामने आई कि आत्महत्या से पहले रसिक ने ग्राइंडर की मदद से अपने निजी अंग को काटा था। हालांकि, उन्होंने ऐसा कदम क्यों उठाया इसकी वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस इसी पहलू समेत पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

रसिक दुलारी की मौत के बाद राधा केली कुंज आश्रम को लेकर भी कई तरह की बातें सामने आई हैं। चर्चा है कि आश्रम से जुड़े लोगों के बीच दो गुट सक्रिय हैं। एक पक्ष पर जमीन से जुड़े मामलों में कथित तौर पर भूमाफियाओं के साथ संबंध होने और कब्जे की कोशिशों के आरोप लगाए जा रहे हैं। इन दावों की भी जांच के स्तर पर पुष्टि होना बाकी है।

इसी बीच कुछ लोगों ने यह आरोप भी लगाया कि उनके बच्चे आश्रम में आने के बाद लापता हो गए। हालांकि, जिस एक बच्चे के गायब होने की बात कही जा रही थी उसके बरसाना में मिलने की जानकारी सामने आई है।

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रसिक दुलारी की मौत और आश्रम को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच संत प्रेमानंद महाराज ने राधा केली कुंज आश्रम छोड़ दिया है। बताया जा रहा है कि वह फिलहाल बेलवन स्थित आश्रम में हैं। मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्रों में उनके मौजूदा स्थान और सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई है। आश्रम की ओर से पहले ही स्पष्ट किया जा चुका है कि वह पुलिस की जांच में सहयोग कर रहा है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि मामले को लेकर अफवाहों या गलत सूचनाओं को आगे न बढ़ाया जाए।