अधिकारियों के साथ अलग अलग बैठकें कर रहे हैं सिंधिया और तोमर गुट के मंत्री, बीजेपी में तनातनी

ग्वालियर चंबल इलाके में बीजेपी नेताओं के बीच लगातार गुटबाजी बढ़ने की खबरें आ रही हैं.. अटकलें हैं कि इस समय केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और नरेंद्र सिंह तोमर के बीच वर्चस्व की लड़ाई अपनी चरम सीमा पर है

Updated: Nov 26, 2021, 09:56 AM IST

अधिकारियों के साथ अलग अलग बैठकें कर रहे हैं सिंधिया और तोमर गुट के मंत्री, बीजेपी में तनातनी
Photo Courtesy: news4social.com

ग्वालियर। बीजेपी में इन दिनों आंतरिक कलह की चर्चा जोरों पर है। विशेषकर ग्वालियर चंबल क्षेत्र में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और नरेंद्र सिंह तोमर के बीच जारी वर्चस्व की लड़ाई आए दिन सुर्खियां बटोर रही है। दोनों नेताओं के गुट के मंत्री अधिकारियों के साथ अलग अलग बैठकें कर रहे हैं, जिसने सिंधिया और नरेंद्र सिंह तोमर के बीच बढ़ती तकरार की खबर को और हवा मिल रही है। सिंधिया और तोमर के बीच इस तल्खी के कारण अधिकारी भी असमंजस में हैं। 

हाल ही में ग्वालियर ज़िले के प्रभारी मंत्री नियुक्त हुए सिंधिया समर्थक तुलसीराम सिलावट ने रविवार को अधिकारियों के साथ एक बैठक की थी। इस बैठक में नरेंद्र सिंह तोमर गुट के मंत्री भारत सिंह कुशवाहा भी शामिल थे। लेकिन बैठक के ठीक अगले दिन तोमर समर्थक भारत सिंह कुशवाहा ने उन्हीं अधिकारियों के साथ दोबारा बैठक करने का निर्णय कर लिया। 

नरेंद्र सिंह तोमर के समर्थक मंत्री द्वारा अधिकारियों के साथ संभावित बैठक ने एक बार फिर सिंधिया और तोमर गुट में चल रही आपसी खींचतान को हवा दे दी। मीडिया में जैसे ही इस आंतरिक कलह ने सुर्खियां बटोरीं वैसी ही भारत सिंह कुशवाहा ने अधिकारियों के साथ अपनी बैठक को रद्द कर दिया। भले ही तोमर गुट के मंत्री ने अधिकारियों के साथ अपनी औपचारिक बैठक रद्द कर दी, लेकिन भारत सिंह कुशवाहा ने कई विभाग के अधिकारियों को चर्चा करने के लिए अपने बंगले आने का बुलावा भेज दिया। 

भारत सिंह कुशवाहा के इस रुख ने आंतरिक कलह को और हवा दे दी। कांग्रेस पार्टी ने इस गुटबाजी के कारण ग्वालियर चंबल क्षेत्र के लोगों को हो रहे नुकसान का मुद्दा उठाया है। कांग्रेस पार्टी ने कहा है कि सिंधिया और तोमर गुट में चल रही गुटबाजी के चलते क्षेत्र में विकास कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही है। कांग्रेस प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा कि दोनों ही गुट के लोगों में आपसी सामंजस्य न होने के कारण शहर विकास में लगातार पिछड़ता जा रहा है। 

यह भी पढ़ें : दो दिन चलेगी बीजेपी के विधायकों की बैठक, सीएम शिवराज नहीं रहेंगे मौजूद

दरअसल सिंधिया के सहारे बीजेपी ने चोर दरवाजे के जरिए मध्य प्रदेश की सत्ता में एंट्री पाने के बाद से ही बीजेपी में सिंधिया का एक नया गुट पनप गया है। चूंकि खुद सिंधिया ग्वालियर चंबल क्षेत्र से आते हैं, इसलिए इस क्षेत्र में गुटबाजी अपने चरम पर पहुंच गई है। दूसरी तरफ केंद्र में मंत्री पद मिलने और राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जगह पाने के बाद बीजेपी में सिंधिया का कद बढ़ गया है। जिस वजह से ग्वालियर के गढ़ में राजनीतिक दबदबे और वर्चस्व की लड़ाई और तेज़ हो गई है। कांग्रेस पार्टी लागतार बीजेपी पर यह तंज कसती रही है कि बीजेपी में महाराज की एंट्री के बाद बीजेपी में तीसरे गुट की एंट्री हो गई है। मध्य प्रदेश बीजेपी में तीन तरह के गुट हैं, शिवराज भाजपा, महाराज भाजपा और नाराज भाजपा।