NEET-UG पेपरलीक 2024: CBI ने मुख्य आरोपी को दिया क्लीन चिट, पेपर चुराने के सबूत नहीं मिले

संजीव मुखिया को नीट पेपर लीक मामले में जमानत मिल गई है, लेकिन वह अभी जेल में ही रहेगा। उस पर सिपाही बहाली पेपर लीक का भी केस है।

Updated: Jul 23, 2026, 05:59 PM IST

नई दिल्ली। पेपरलीक पर देशभर में चल रहे आंदोलनों के बीच 2024 NEET-UG लीक के मुख्य आरोपी को क्लीनचिट मिल गई है। CBI ने गुरुवार को बताया कि बिहार पुलिस ने संजीव मुखिया को इस मामले का मुख्य आरोपी बनाया था, लेकिन जांच में उसके खिलाफ प्रश्नपत्र चुराने या लीक करने के कोई सबूत नहीं मिले। सबूतों के अभाव में जांच एजेंसी ने संजीव मुखिया को दो साल बाद क्लीन चिट दे दिए हैं।

संजीव मुखिया को नीट पेपर लीक मामले में जमानत मिल गई है, लेकिन वह अभी जेल में ही रहेगा। उस पर सिपाही बहाली पेपर लीक का भी केस है। CBI ने कहा कि एजेंसी ने इस केस में प्रश्न पत्र की चोरी और उसे बांटने में शामिल हर व्यक्ति की पहचान की। उन कैंडिडेट्स की भी पहचान की जिन्हें, क्वेश्चन पेपर से फायदा हुआ। CBI ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की, इसमें 45 लोगों के नाम हैं।

इस पेपर लीक की शुरुआती जांच बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने की थी। संजीव कुमार उर्फ संजीव मुखिया पर चोरी में शामिल होने का शक हुआ, क्योंकि वह पहले भी प्रश्न पत्र लीक करने के दूसरे मामलों में शामिल था। संजीव मुखिया उस समय फरार चल रहा था। 11 महीने बाद में EOU की टीम ने उसे पहले पेपरलीक केस में गिरफ्तार किया था।

बिहार पुलिस ने उसे उस FIR में आरोपी बनाया। EOU ने इस मामले में अपनी एक डिटेल रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपी थी। इसके बाद जांच CBI को सौंप दी गई थी। हालांकि, अब CBI ने आश्चर्यजनक तरीके से संजीव मुखिया को बेगुनाह बताया है। जबकि संजीव मुखिया सिपाही बहाली पेपर लीक का भी आरोपी है।