खरगोन में किसानों बड़ा का प्रदर्शन, 4 गुना मुआवजे की मांग लेकर तहसील मुख्यालय पहुंचे 3 हजार किसान

खरगोन में भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में 3000 किसान सड़कों पर उतरे। किसान 4 गुना मुआवजे और बिंजलवाड़ा सिंचाई परियोजना का पानी खेतों तक पहुंचाने की मांग कर रहे हैं।

Updated: Sep 15, 2026, 06:02 PM IST

खरगोन। मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के भीकनगांव में मंगलवार को किसानों ने अपनी मांगों को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया। भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में 100 से अधिक गांवों से 500 से ज्यादा ट्रैक्टरों के साथ 3000 किसान तहसील मुख्यालय पहुंचे। टंट्या मामा भवन से निकला किसानों का काफिला शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए कृषि उपज मंडी पहुंचा जहां सभा के जरिए किसानों ने अपनी मांगें प्रशासन के सामने रखी।

प्रदर्शन में मुख्य मुद्दा देशगांव-जुलवानिया फोरलेन के लिए जमीन अधिग्रहण का रहा था। किसानों का आरोप है कि परियोजना के लिए उनकी उपजाऊ जमीन ली जा रही है लेकिन मुआवजे के तौर पर उन्हें बाजार मूल्य का केवल दो गुना भुगतान दिया जा रहा है। किसानों ने मांग की कि प्रभावित परिवारों को जमीन के बाजार मूल्य का चार गुना मुआवजा दिया जाए।

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किसान नेताओं ने सवाल उठाया कि जब दूसरी जगहों पर भूमि अधिग्रहण के दौरान चार गुना मुआवजा दिया जा रहा है तो इस क्षेत्र के किसानों को इसका लाभ क्यों नहीं मिल रहा। इसी मांग को लेकर भारतीय किसान संघ ने प्रशासन से नीति में समानता बरतने की मांग की है।

प्रदर्शन के दौरान 745 करोड़ रुपये की बिंजलवाड़ा उद्वहन सिंचाई परियोजना को लेकर भी किसानों में नाराजगी दिखाई दी। किसानों के मुताबिक, परियोजना को मंजूरी मिले करीब 10 साल हो चुके हैं लेकिन अब तक खेतों तक पानी नहीं पहुंच पाया है। उनका कहना है कि योजना का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब सिंचाई का पानी किसानों के खेतों तक पहुंचे।

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भारतीय किसान संघ ने मांग की है कि मौजूदा साल में ही बिंजलवाड़ा परियोजना के जरिए हर खेत तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। किसानों का कहना है कि लंबे समय से इस मुद्दे को अधिकारियों के सामने उठाया जा रहा है लेकिन ठोस समाधान नहीं हुआ है।

संघ के जिला मीडिया प्रभारी नितेश सिंह मौर्य ने कहा कि किसानों की समस्याओं को लेकर प्रशासन को कई बार आवेदन दिए जा चुके हैं लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसी वजह से बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टरों के साथ भीकनगांव पहुंचे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि चार गुना मुआवजा और खेतों तक बिंजलवाड़ा परियोजना का पानी मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।

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