150 साल से मंदिर में रहने वाला पुजारी परिवार हुआ बेघर, क्या ये सिंधिया के ख़िलाफ़ बोलने की सज़ा है

दिग्विजय सिंह ने कहा, 6 पुश्तों से भूतेश्वर मंदिर की सेवा करने वाले परिवार के साथ ऐसा अन्याय न करें ज्योतिरादित्य सिंधिया और सीएम शिवराज

Updated: Nov 20, 2020, 04:43 PM IST

150 साल से मंदिर में रहने वाला पुजारी परिवार हुआ बेघर, क्या ये सिंधिया के ख़िलाफ़ बोलने की सज़ा है

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में बदले की भावना से की गई कार्रवाई की एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। ग्वालियर शहर के प्राचीन भूतेश्वर मंदिर की पिछले 150 वर्षों से सेवा करने वाले पुजारी परिवार को वहां से भगा दिया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक जिला प्रशासन ने मंदिर प्रांगण में बने दो कमरों में रहने वाले पुजारी के परिवार को जबरन वहां से बाहर निकाल दिया। छह पीढ़ियों से मंदिर की सेवा करने वाले पुजारी परिवार के साथ हुए इस बर्ताव को देखकर लोग हैरान हैं।

पुजारी के परिवार का घर से निकाले जाने के बाद का एक मार्मिक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि घर से बेघर किए जाने के बाद परिवार की महिलाएं अपना बिखरा सामान बटोरते हुए बुरी तरह रो रही हैं। परिवार का एक लड़का भी वहीं रो-रोकर ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ नारेबाजी कर रहा है। घर से निकाले जाने के बाद पुजारी का पूरा परिवार काफी देर तक स्थानीय लोगों के साथ मंदिर की देहरी पर बैठा रहा।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इस वीडियो को ट्विटर पर शेयर करते हुए इस अन्याय पर नाराज़गी जाहिर की है। उन्होंने ज्योतिरादित्य सिंधिया, सीएम शिवराज और जिला प्रशासन से कहा है कि वे पुजारी परिवार के साथ ऐसा अन्याय न करें।

पुजारी का परिवार ग्वालियर शहर के बहोडापुर थाना क्षेत्र में शब्द प्रताप आश्रम के नजदीक बने भूतेश्वर मंदिर के दो कमरों में रहता था। गुरुवार को ग्वालियर के प्रशासनिक अमले ने सिंधिया देवस्थान ट्रस्ट की जमीन पर बने मंदिर के पुजारी के परिवार को वहां से बेदखल कर दिया। पुजारी के परिजनों का आरोप है कि यह कार्रवाई सिंधिया के इशारे पर हुई है। उनका यह भी कहना है कि पूरी कार्रवाई अचानक की गई, जबकि वे कब्जे को लेकर कोर्ट से केस भी जीत चुके हैं। 

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मंदिर के पुजारी अमन शर्मा ने मीडिया को बताया है कि उनका परिवार पिछले डेढ़ सौ वर्षों से पुजारी के तौर पर मंदिर की सेवा करता रहा है। 2010 में पिता शंभूनाथ शर्मा की मृत्यु के बाद उन्हें पुजारी का जिम्मा मिला। सिंधिया की राजशाही के ज़माने से यह दर्जा परिवार को मिला हुआ है। अमन का आरोप है कि प्रशासन ने सिंधिया के इशारे पर जानबूझकर उन्हें बाहर निकलवाया है।

वहीं अमन की मां ने बताया कि अमन को जबरिया पकड़कर चार घंटे के लिए बहोड़ापुर थाना भिजवा दिया गया और फिर पूरे परिवार को जबरन वहां से बाहर कर दिया गया। पुलिस ने गुरुवार को अचानक नोटिस लगाया और शुक्रवार को बाहर फेंक दिया। हालांकि जिला प्रशासन का कहना है कि इस मामले में सिंधिया देवस्थान ट्रस्ट कोर्ट में चल रहा केस जीत चुका है और कई बार नोटिस देने के बाद भी पुजारी का परिवार कमरे खाली नहीं कर रहा था, इसलिए बलपूर्वक कमरे खाली कराने पड़े।'

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पुजारी परिवार ने पूर्व में सिंधिया पर लगाया था सनसनीखेज आरोप

बता दें कि कुछ महीने पहले इस पुजारी परिवार ने राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया पर बड़ा आरोप लगाया था। परिवार की बहू चंद्रवती शर्मा ने मीडिया को बताया था कि सिंधिया देवस्थान ट्रस्ट द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके मंदिर की ज़मीन पर कब्जा करने और उसे बेचने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि सिंधिया ट्रस्ट ने फर्जी तरीके से पहले भी जमीनें बेची है और अब मंदिर की 19 बीघा जमीन को बेचने की तैयारी हो रही है। यही वजह है कि पुजारी परिवार को निकाले जाने की घटना को कुछ लोग सिंधिया पर लगाए गए इन आरोपों का बदला लेने की कार्रवाई बता रहे हैं।