जांच एजेंसी के काम में रुकावट न डालें, I-PAC रेड मामले में ममता सरकार को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार ED के काम में दखल न डाले। एजेंसी को अपना काम करने दें। कोर्ट ने 3 फरवरी को अगली सुनवाई तक ED अधिकारियों के खिलाफ दर्ज FIR पर भी रोक लगा दी है।
नई दिल्ली। कोलकाता में चुनावी रणनीति बनाने वाली संस्था I-PAC पर ईडी की छापेमारी मामले में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सर्वोच्च न्यायालय ने CM ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार को नोटिस भेजकर दो हफ्तों के भीतर जवाब मांगा है। अदालत ने कहा कि केंद्रीय एजेंसी के आरोप गंभीर हैं।
जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने कहा कि सरकार ED के काम में दखल न डालें। एजेंसी को अपना काम करने दें। कोर्ट ने 3 फरवरी को अगली सुनवाई तक ED अधिकारियों के खिलाफ दर्ज FIR पर भी रोक लगा दी है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले में कुछ बड़े सवाल हैं, जिनका जवाब नहीं मिला तो अराजकता फैल सकती है। अगर केंद्रीय एजेंसियां किसी गंभीर अपराध की जांच के लिए ईमानदारी से अपना काम कर रही हैं, तो क्या उन्हें राजनीति करके रोका जा सकता है?
ED ने 8 जनवरी को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के IT हेड और पॉलिटिकल कंसल्टेंट फर्म (I-PAC) डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर और कंपनी से जुड़े ठिकानों पर छापा मारा था। जांच एजेंसी का आरोप है कि इस दौरान CM ममता वहां बंगाल पुलिस के अफसरों के साथ पहुंचीं और अपने साथ सबूत लेकर चली गईं।
जांच एजेंसी ने कोर्ट में कहा कि रेड के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पहुंचीं और इलेक्ट्रोनिक डिवाइस और दस्तावेज अपने साथ ले गईं। ममता के साथ बंगाल DGP भी पुलिस टीम के साथ पहुंचे थे। पुलिस ने ED अफसरों के मोबाइल छीन लिए। CM मीडिया के सामने भी गईं। इस तरह ED का मनोबल गिरता है। उनके काम में बाधा आती है।
जांच एजेंसी ने कहा कि हम 14 जनवरी को हाईकोर्ट में हुई सुनवाई से संतुष्ट नहीं है। हमें काफी परेशानी हुई। सुनवाई के दौरान बार-बार माइक बंद हो रहा था। कोर्ट में भीड़ इकट्ठा करने के लिए को बस और गाड़ियों की व्यवस्था की गई थी। एक्टिंग चीफ जस्टिस को आदेश देना पड़ा कि वकीलों के अलावा किसी को भी एंट्री नहीं दी जाएगी। ED आर्टिकल 21 के तहत अपने अधिकारों की सुरक्षा की मांग करने के लिए सुप्रीम कोर्ट आई है। ED अधिकारियों को धमकियां दी गई थीं। हम हाईकोर्ट नहीं जाएंगे। हम चाहते हैं CBI मामले की जांच करें।




