प्रधानमंत्री आवास के बाहर सांसदों के साथ धरने पर बैठे राहुल गांधी, पुलिस ने कई नेताओं को हिरासत में लिया
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी और पार्टी के कई अन्य नेताओं के पीएम आवास के पास धरने पर बैठ गए।
नई दिल्ली। पेपर लीक मामले में धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस के कई नेता दिल्ली में पीएम आवास के पास धरने पर बैठ गए हैं। इनमें राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल हैं।
कांग्रेसी पीएम और गृहमंत्री इस्तीफा दो के नारे लगा रहे हैं। प्रदर्शन के बीच यहां पुलिस ने पंजाब के पूर्व सीएम चरणजीत चन्नी और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है। इस दौरान "अमित शाह तेरी गुंडागर्दी, नहीं चलेगी-नहीं चलेगी" जैसे नारे भी लग रहे हैं।
इधर, कांग्रेस के प्रदर्शनकारी नेताओं से बातचीत करने के लिए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह पहुंच गए हैं। वे राहुल गांधी से चर्चा कर रहे हैं। हालांकि, इस दौरान पुलिस ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया। जबकि राहुल, प्रियंका, खड़गे समेत कई अन्य नेता अभी भी धरने पर बैठे हुए हैं।
इस संबंध में कांग्रेस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पर लिखा है कि छात्रों के अधिकारों के लिए कांग्रेस के सांसद और नेता, प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना दे रहे हैं। निर्दोष बच्चों पर लाठियां चलवाने वालों को पद पर रहने का कोई हक नहीं है। मोदी-शाह-प्रधान को इस्तीफा देना होगा।
उधर, NCP (SP) नेता शरद पवार दोपहर जंतर-मंतर पहुंचे। वे यहां छात्रों से बात कर रहे हैं। दरअसल, सोमवार को बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज के बावजूद मंगलवार को भी जंतर-मंतर पर हजारों छात्रों का हुजूम उमड़ा हुआ है। वे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अड़े हुए हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी फाउंडर अभिजीत दीपके ने मीडिया से कहा कि, "हमारी मांगें वही हैं, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, पीड़ितों के परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा, सोनम वांगचुक समेत सभी प्रदर्शनकारियों की तुरंत रिहाई। मैं सभी को बताना चाहता हूं कि यह एक लंबी लड़ाई है, लेकिन हम न सिर्फ इसे लड़ेंगे, बल्कि जीतेंगे भी।" जब उनसे पूछा गया कि क्या वे सरकार से फिर बातचीत करेंगे, तो दीपके ने कहा, “उन्हें यहां (जंतर-मंतर) आना होगा, अब हम उनके पास नहीं जाएंगे।”




