चुनाव आयोग भाजपा के संगठन की तरह काम कर रहा है, SIR को लेकर उठे सवालों पर बोले दिग्विजय सिंह

दिग्विजय सिंह ने ज्ञानेश कुमार को देश का सबसे भ्रष्ट CEC करार देते हुए कहा कि उनके पूरे रिकॉर्ड की जांच की जानी चाहिए।

Updated: Sep 23, 2026, 04:24 PM IST

भोपाल। भारत चुनाव आयोग की ओर से विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया एक बार फिर विवादों में है। इंडियन एक्सप्रेस की एक इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट में बताया गया है कि CEC ज्ञानेश कुमार मनमर्जी फैसले लेते हैं। दो अन्य आयुक्तों की अनदेखी की खबर सामने आने के बाद विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त पर हमलावर है। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने ज्ञानेश कुमार के मुख्य चुनाव आयुक्त बनने के बाद से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भाजपा के एक संगठन के रूप में काम कर रहा है। 

दिग्विजय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा मनोनीत तीन चुनाव आयुक्तों में से दो ने SIR की प्रक्रिया को लेकर आपत्ति जताई थी, लेकिन ज्ञानेश कुमार ने उसे नहीं माना। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR के दौरान पहले से ही यह तय कर लिया जाता है कि वोटर लिस्ट में किसका नाम काटना है और किसका नाम जोड़ना है।

दिग्विजय सिंह कहा कि, 'हर नागरिक को वोट देने का अधिकार है और सभी नागरिक को उसका वोटिंग का अधिकार सुनिश्चित करना चुनाव आयोग की जवाबदारी है। लेकिन ये इस देश के लोगों से सिटिजन सर्टिफिकेट मांग रहे हैं। इस देश में नागरिकता का प्रमाणपत्र बांटना चुनाव आयोग का काम है? उन्हें अब आडवाणी जी के परिवार पर आपत्ति हो रही है, सेना के जनरल पर आपत्ति हो रही है।'

दिग्विजय सिंह ने ज्ञानेश कुमार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पूरे रिकॉर्ड की जांच की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार पूरे तरीके से भ्रष्टतम चुनाव आयुक्त नियुक्त हुए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने घुसपैठियों के मुद्दे को लेकर भी केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार घुसपैठियों के आने की बात करती है, तो उन्हें पकड़ा क्यों नहीं जाता। दिग्विजय सिंह ने कहा कि अगर कोई बांग्लादेश, नेपाल, पाकिस्तान, श्रीलंका या किसी अन्य देश से आया है तो उसे पकड़ना चाहिए।

उन्होंने कहा, 'आप कहते हैं घुसपैठिए आ गए, कितने घुसपैठिए आए? उजागर करो। गृहमंत्री अमित शाह हमेशा कहते हैं घुसपैठिए आ गए। आपकी सरकार पिछले 12 साल से है, फिर घुसपैठिए कहां से घुसे? ऊपर से टपके? दिग्विजय सिंह ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव आयोग लोकतंत्र का प्रमुख अंग है और उसे निष्पक्ष तरीके से फ्री एंड फेयर इलेक्शन कराने की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि मुझे तो इस चुनाव आयोग पर जरा सा भी भरोसा नहीं है।

उन्होंने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय टीएन शेषन जैसे CEC होते थे और राजनीतिक दल चुनाव आयोग से डरते थे, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। दिग्विजय सिंह ने कहा, "आज इस आदमी (ज्ञानेश कुमार) से डरता कौन है? हम तो इस पर भ्रष्ट होने का आरोप लगा रहे हैं। करो मेरे खिलाफ कार्रवाई, कर के दिखाओ।"

दिग्विजय सिंह ने EVM को लेकर चुनाव आयोग से समय नहीं मिलने का भी दावा किया। उन्होंने कहा कि 24 राजनीतिक दलों के हस्ताक्षर कराकर उन्होंने चुनाव आयोग को दिया था और EVM के मुद्दे पर बातचीत के लिए समय मांगा था, लेकिन उन्हें इसका एक्नॉलेजमेंट तक नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भाजपा के एक विभाग की तरह काम कर रहा है।