प्रधानमंत्री मोदी ने फिर छेड़ा आंदोलनजीवी का राग, सफ़ाई भी दी, नए आरोप भी मढ़े

PM Modi in Lok Sabha: आंदोलनकारी और आंदोलनजीवी में फ़र्क़ है, आंदोलनजीवी पवित्र आंदोलन को बर्बाद करने निकलते हैं, पंजाब में आंदोलनजीवियों ने सैकड़ों मोबाइल टावर तोड़ दिए

Updated: Feb 11, 2021, 08:30 AM IST

प्रधानमंत्री मोदी ने फिर छेड़ा आंदोलनजीवी का राग, सफ़ाई भी दी, नए आरोप भी मढ़े
Photo Courtesy : Screen Shot LSTV

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को एक बार फिर उन लोगों पर हमला बोल दिया, जिन्हें वो आजकल आंदोलनजीवी कहने लगे हैं। उन्होंने कथित आंदोलनजीवियों की नए ढंग से व्याख्या करने के साथ ही अपने पिछले बयान पर सफाई भी दी, लेकिन साथ ही साथ उन पर कुछ नए इल्ज़ाम भी मढ़ दिए। लोकसभा में करीब डेढ़ घंटे तक चले अपने भाषण में मोदी ने किसान आंदोलन के मुद्दे पर अपनी सरकार के रुख का बचाव करने की भरपूर कोशिश की और विपक्ष पर तीखे हमले भी किए।

प्रधानमंत्री के लोकसभा में दिए भाषण में उनके राज्यसभा के भाषण पर हुए विवाद की छाया साफ नज़र आई। राज्यसभा में उन्होंने हर तरह के आंदोलनों में हिस्सा लेने वाले लोगों को आंदोलनजीवी और परजीवी बताया था, तो उसका देश भर में जमकर विरोध हुआ। किसी ने इसे आंदोलन कर रहे किसानों की बेइज्जती बताया तो किसी ने देश को आजादी दिलाने वाले आंदोलनकारियों का अपमान। आज मोदी अपने उस बयान पर हुए हमलों पर सफाई देने की कोशिश करते नज़र आए। लेकिन बचाव की मुद्रा अपनाने की जगह अपने चिरपरिचित हमलावर अंदाज़ में।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आंदोलनजीवी पवित्र आंदोलनों को बर्बाद करने निकलते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब की धरती पर सैकड़ों मोबाइल टावर नष्ट कर दिए गए। यह काम आंदोलनजीवियों ने किया। मोदी ने कहा कि आंदोलनकारी और आंदोलनजीवी में फ़र्क़ करना और आंदोलनजीवियों  से देश को बचाना ज़रूरी है। इन कथित आंदोलनजीवियों पर हमला करते-करते मोदी ने कहा कि देश में एक बहुत बड़ा वर्ग ऐसा है, जिनकी पहचान ये है कि वो बातें तो हमेशा सही करते हैं, लेकिन सही काम करने की बारी आती है, तो विरोध करने लगते हैं। इस सिलसिले में उन्होंने जेंडर जस्टिस की बात करने वालों, इलेक्शन रिफॉर्म की मांग करने वालों से लेकर न्यूक्लियर पावर के खिलाफ आंदोलन करने वाले एक्टिविस्टों का उदाहरण भी दिया।

पीएम मोदी ने ये भी कहा कि ऐसे पर्यावरणवादी हैं जो पहले तो प्रदूषण का मुद्दा उठाते हैं और फिर पराली जलाने वालों का समर्थन करने लगते हैं। यहां उनका इशारा किसानों की उस मांग की तरफ था, जिसमें वे पराली जलाने वालों पर भारी-भरकम जुर्माना लगाए जाने से राहत दिए जाने की मांग कर रहे  के नए प्रस्तावित कानून में राहत दी जाए।  

मोदी ने अपने भाषण में कांग्रेस को कनफ्यूज़ पार्टी बता दिया। इतना ही नहीं, मोदी ने कहा कि कांग्रेस ना अपना भला कर सकती है और ना देश का। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सांसदों का राज्यसभा में अलग रुख होता है और राज्यसभा में अलग। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री की बातों का विरोध करते हुए भाषण के बीच में ही सदन से वॉकआउट भी कर दिया। इससे पहले कांग्रेस नेताओं ने कृषि कानूनों को रद्द न किए जाने को लेकर सदन में हंगामा भी किया। 

प्रधानमंत्री मोदी कांग्रेस के विरोध के दौरान थोड़ी देर के लिए अपना भाषण रोककर बैठ भी गए। कुछ ही पल बाद उन्होंने फिर बोलना शुरू किया तो कहा कि यह हंगामा विपक्ष की एक सोची समझी रणनीति का हिस्सा है। क्योंकि विपक्ष कृषि कानूनों पर चर्चा से बचना चाहता है। मोदी ने आज एक बार फिर कहा कि एमएसपी आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने ये दावा भी एक बार फिर से दोहराया कि तीनों कृषि कानून किसानों के हक में हैं और सरकार ने किसानों के साथ बातचीत के रास्ते हमेशा खुले रखे हैं। उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर लगातार किसानों से चर्चा करते रहे हैं। कानूनों में जो भी सुधार जरूरी होगा, वो ज़रूर किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने दावा किया कि नए कृषि कानूनों से किसानों को फायदा होना शुरू भी हो गया है। उनकी फसल अच्छे दामों पर बिक रही हैं।