मानहानि मामले में राहुल गांधी बरी, अमित शाह के विरुद्ध टिप्पणी का था मामला

इस फैसले के बाद कोर्ट के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों पर डांस किया, आतिशबाजी की और राहुल गांधी के समर्थन में नारे लगाए।

Updated: Oct 26, 2026, 12:54 PM IST

सुल्तानपुर। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी को बड़ी राहत मिली है। अमित शाह से जुड़े मानहानि मामले में सुल्तानपुर की MP-MLA कोर्ट ने उन्हें सोमवार को बरी कर दिया। इस फैसले के बाद कोर्ट के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों पर डांस किया, आतिशबाजी की और राहुल गांधी के समर्थन में नारे लगाए।

दरअसल, भाजपा नेता विजय मिश्रा ने अगस्त 2018 में राहुल के खिलाफ केस दर्ज कराया था। आरोप है कि राहुल ने 8 मई 2018 को बेंगलुरु में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, ‘जो पार्टी ईमानदारी की बात करती है, उसके अध्यक्ष पर हत्या का आरोप है।' राहुल गांधी के वकील काशी शुक्ला ने बताया कि कांग्रेस सांसद के खिलाफ मामला साबित नहीं हो पाया। न कोई ठोस सबूत पेश किया गया। इसी आधार पर अदालत ने राहुल गांधी को दोषमुक्त कर दिया।

राहुल गांधी के केस में कोर्ट ने 49 पेज का जजमेंट दिया है। कांग्रेस सांसद को बरी करते हुए कोर्ट ने कहा कि टिप्पणियां मानहानिपूर्ण नहीं थीं। राहुल गांधी सुल्तानपुर की विशेष MP/MLA कोर्ट सुबह 11.12 बजे पहुंचे। कोर्ट रूम में 11.16 बजे दाखिल हुए। 11.35 बजे कोर्ट से बाहर आ गए। कोर्ट ने 16 मिनट में फैसला सुनाया। वहीं, 10 मिनट तक वादी पक्ष को फटकार भी लगाई।

इससे पहले, सोमवार सुबह पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर राहुल के काफिले की 5 गाड़ियां आपस में टकरा गईं। इनमें एक एंबुलेंस भी थी। हादसे में राहुल सुरक्षित हैं। हालांकि, कुछ कार्यकर्ताओं और सुरक्षाकर्मियों के घायल होने की सूचना है।