ग्वालियर में 13 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक पकड़े गए, 20 दिन की जांच के बाद बॉर्डर के लिए हुए रवाना

ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने पहचान छिपाकर रह रहे 13 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लेकर डिपोर्टेशन प्रक्रिया शुरू कर दी है। 20 दिनों की गहन पूछताछ के बाद पुलिस सोमवार रात सभी को बांग्लादेश बॉर्डर के लिए लेकर रवाना हुई।

Updated: Aug 25, 2026, 01:45 PM IST

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में पहचान छिपाकर रह रहे 13 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। गिरफ्त में लेने के बाद अब पुलिस ने उन्हें बांग्लादेश भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इनमें चार बच्चे भी शामिल हैं। क्राइम ब्रांच ने सभी को शहर के अलग-अलग संवेदनशील इलाकों की झुग्गियों से पकड़ा था। करीब 20 दिन तक पूछताछ और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद पुलिस की विशेष टीम सोमवार रात सभी को सुरक्षा घेरे में लेकर बांग्लादेश बॉर्डर के लिए रवाना हुई।

पुलिस के मुताबिक, इन लोगों के शहर में अवैध रूप से रहने की सूचना मिलने के बाद क्राइम ब्रांच ने 3 और 4 अगस्त की दरमियानी रात कई चिह्नित ठिकानों पर दबिश दी थी। कार्रवाई के दौरान महिला और बच्चों समेत कुल 13 लोगों को हिरासत में लिया गया। शुरुआती जांच में सामने आया कि ये लोग अपनी पहचान छिपाकर अलग-अलग इलाकों में झुग्गियों में रह रहे थे।

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हिरासत में लिए जाने के बाद पुलिस ने सभी से करीब तीन सप्ताह तक पूछताछ की। इस दौरान उनके पास मौजूद पहचान पत्रों की जांच करने के साथ भारत में प्रवेश करने से संबंधित जानकारी और शहर में उनके स्थानीय संपर्कों का भी सत्यापन किया गया। पुलिस ने दस्तावेजों और पूछताछ के आधार पर उनकी नागरिकता से जुड़ी जानकारी की पुष्टि करने की कोशिश की।

जांच और आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद पुलिस ने डिपोर्टेशन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई। इसी क्रम में सोमवार रात विशेष पुलिस टीम सभी 13 लोगों को लेकर बांग्लादेश सीमा के लिए रवाना हुई। अब सीमा पर बीएसएफ और संबंधित एजेंसियों की मौजूदगी में दस्तावेजों की दोबारा जांच, पूछताछ और अन्य निर्धारित प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। इसके बाद उन्हें बांग्लादेश भेजा जाएगा। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद शहर में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान और उनके दस्तावेजों के सत्यापन को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी भी अहम मानी जा रही है।

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