चुनाव आयोग की जवाबदेही तय करनी होगी, CJP ने लॉन्च किया क्या बोलती पब्लिक कैंपेन
अभिजीत दीपके ने कहा कि CJP कोई चुनावी राजनीतिक पार्टी नहीं बनेगी, बल्कि देश के लोकतांत्रिक संस्थानों और शासन में जवाबदेही तय करने के लिए एक मजबूत पब्लिक प्रेशर ग्रुप के रूप में काम करेगी।
कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके सितंबर से देशभर में ‘क्या बोलती पब्लिक’ अभियान शुरू करेंगे। दीपके ने गुरुवार को महाराष्ट्र के संभाजीनगर में यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि हम गांव-शहर जाकर युवाओं से बात करेंगे। साथ ही, बेरोजगारी और महंगी शिक्षा को मुद्दा बनाएंगे।
अभिजीत दीपके ने कहा कि बेरोजगारी देश की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है और इसे देशव्यापी मुद्दा बनाया जाएगा। हम शिक्षा सुधारों पर काम करेंगे। शिक्षा को मुनाफा कमाने का जरिया बना दिया गया है, लेकिन हम इस व्यवस्था को बदलना चाहते हैं।
अभिजीत दीपके ने कहा कि CJP कोई चुनावी राजनीतिक पार्टी नहीं बनेगी, बल्कि देश के लोकतांत्रिक संस्थानों और शासन में जवाबदेही तय करने के लिए एक मजबूत पब्लिक प्रेशर ग्रुप के रूप में काम करेगी।
उन्होंने कहा कि शैक्षिक सुधार हमारी प्रमुख प्राथमिकता होगी। महंगी स्कूली शिक्षा समाप्त होनी चाहिए। अब सरकार तय करती है कि कौन वोट देगा, कौन नहीं। चुनाव आयोग की जवाबदेही तय करनी होगी, नहीं तो चुनाव में धांधली जारी रहेगी।
नीट पेपर लीक को लेकर दीपके और उनकी पार्टी ने जंतर-मंतर पर 20 जून से 25 जुलाई तक, लगातार 36 दिनों तक धरना दिया था। इस दौरान हजारों छात्र, अभिभावक और युवा आंदोलन में शामिल हुए थे। पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी प्रदर्शन में शामिल हुए और भूख हड़ताल पर बैठे थे।
20 जुलाई को CJP ने संसद मार्च निकाला था। इस दौरान छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। 25 जुलाई को तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP ने धरना समाप्त करने की घोषणा की थी।




