ईरान के बुशहर न्यूक्लीयर पॉवर प्लांट पर हमला, धमाके में एक व्यक्ति की हुई मौत

मिडल ईस्ट में तनाव के बीच ईरान के बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट पर हमला हुआ। पॉवर प्लांट के पास प्रोजेक्टाइल गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई।

Publish: Apr 04, 2026, 06:52 PM IST

ईरान। मीडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान के दक्षिण पश्चिम में स्थित बुशहर न्यूक्लीयर पॉवर प्लांट के पास एक प्रोजेक्टाइल गिरने से बड़ा हादसा हो गया। इस हमले में एक व्यक्ति की मौत भी हो गई। हालांकि, पॉवर प्लांट को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर परमाणु सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

ईरान की मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना ऐसे समय हुई जब अमेरिका और इजरायल के साथ जारी तनाव चरम पर है। हमले के दौरान प्रोजेक्टाइल प्लांट के पास गिरा था। जिसकी वजह से जोरदार धमाका हुआ और इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, राहत की बात यह रही कि पॉवर प्लांट के मुख्य ढांचे और संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा और सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं।

यह भी पढ़ें:LPG के बाद अब CNG भी हुई महंगी, टॉरेंट गैस कंपनी ने दरों में 2.50 रुपये प्रति KG का किया इजाफा

इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी ने भी पुष्टि की है कि पॉवर प्लांट पूरी तरह सुरक्षित है और किसी तरह का रेडियो एक्टिव रिसाव नहीं हुआ है। एजेंसी ने चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी परमाणु सुविधा के आसपास सैन्य गतिविधियां गंभीर रेडियोलॉजिकल खतरा पैदा कर सकती है इसलिए सभी पक्षों को संयम बरतना चाहिए।

बताया जा रहा है कि बुशहर पॉवर प्लांट ईरान का एकमात्र चालू परमाणु रिएक्टर है जो लगभग 1,000 मेगावाट बिजली बनाता है। यह लाखों घरों व उद्योगों को ऊर्जा उपलब्ध कराता है। यह एक सिविलियन न्यूक्लियर प्लांट है जिसकी निगरानी IAEA द्वारा की जाती है लेकिन ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहले से ही संदेह बना हुआ है। रूस के सहयोग से संचालित होने के कारण यह पॉवर प्लांट और भी संवेदनशील माना जाता है।

यह भी पढ़ें:CSK के खिलाफ जीत के बावजूद PBKS की बढ़ी मुश्किलें, स्लो ओवर रेट के कारण टीम पर लगा जुर्माना

इस हमले के अलावा दक्षिणी ईरान के खुजेस्तान प्रांत के महशहर पेट्रोकेमिकल स्पेशल इकोनॉमिक जोन में भी हवाई हमले की खबरें सामने आई हैं। यहां कई जगह धमाके हुए और तीन कंपनियों को निशाना बनाया गया था। इस हमले में पांच लोग घायल हो गए हैं। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, नुकसान का आकलन अभी जारी है।

इस बीच रूस की परमाणु एजेंसी रोसाटॉम ने भी इस हमले की निंदा करते हुए सभी पक्षों से परमाणु स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और तनाव कम करने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि युद्ध के दौरान परमाणु पॉवर प्लांट के आसपास किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई वैश्विक स्तर पर गंभीर खतरे को जन्म दे सकती है।

यह भी पढ़ें:झाबुआ के वाटर फिल्टर प्लांट में क्लोरीन गैस का रिसाव, 49 लोग हुए बीमार

वहीं, क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरान ने दावा किया है कि उसने फारस की खाड़ी में अमेरिकी A10 लड़ाकू विमान को निशाना बनाया गया। हालांकि, अमेरिकी पक्ष ने पायलट को सुरक्षित निकाल लेने की बात कही है। इसके अलावा रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर हुए हमले को लेकर भी आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। इसमें ईरान ने अपनी संलिप्तता से इनकार किया है।