उज्जैन में स्टाइपेंड बढ़ाने के लिए धरने पर बैठे 300 आयुर्वेद छात्र, आदेश जारी होने तक आंदोलन की चेतावनी
उज्जैन के आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज में करीब 300 BAMS इंटर्न्स ने स्टाइपेंड 9,383 से बढ़ाकर MBBS के बराबर 21,500 रुपये करने की मांग को लेकर बड़ा धरना शुरू कर दिया है।
उज्जैन के आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में करीब 300 BAMS छात्रों और इंटर्न ने सोमवार को स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया। छात्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 23 सितंबर को भोपाल में आयुर्वेद महाविद्यालय के कार्यक्रम के दौरान स्टाइपेंड बढ़ाने की घोषणा की थी लेकिन घोषणा के बावजूद अभी तक इसका लिखित आदेश जारी नहीं हुआ है। छात्रों ने स्पष्ट किया है कि जब तक आदेश जारी नहीं होता उनका आंदोलन जारी रहेगा।
छात्रों के मुताबिक, 15 सितंबर को उन्होंने अपनी मांगों को लेकर संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा था। इसके बाद मुख्यमंत्री की ओर से स्टाइपेंड बढ़ाने की घोषणा की गई थी। अब छात्रों की मांग है कि घोषणा को आधिकारिक आदेश के जरिए लागू किया जाए।
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प्रदर्शन कर रहे छात्रों के अनुसार, मध्यप्रदेश में BAMS इंटर्न को फिलहाल 9,383 रुपए प्रति माह स्टाइपेंड मिल रहा है। वहीं, MBBS इंटर्न का स्टाइपेंड हाल ही में बढ़ाकर 21,500 रुपए प्रति माह कर दिया गया है। छात्रों का कहना है कि दोनों पाठ्यक्रमों के इंटर्न अस्पतालों में मरीजों की देखभाल, ड्यूटी और अन्य चिकित्सकीय जिम्मेदारियां निभाते हैं। ऐसे में दोनों के मानदेय में इतना बड़ा अंतर उचित नहीं है।
इसी आधार पर छात्र BAMS इंटर्न का स्टाइपेंड भी 21,500 रुपए करने और इसे जल्द लागू करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद अब उन्हें केवल आश्वासन नहीं बल्कि सरकार का लिखित आदेश चाहिए।
छात्रों ने अपनी मांग के समर्थन में नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन (NCISM) के क्लॉज 15(बी) और 15(डी) का भी हवाला दिया है। उनका दावा है कि इन प्रावधानों के अनुसार, अलग-अलग चिकित्सा पद्धतियों के इंटर्न के स्टाइपेंड में समानता होनी चाहिए और मानदेय के मामले में भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए। छात्रों का आरोप है कि इन नियमों के बावजूद मध्यप्रदेश में आयुर्वेद इंटर्न को MBBS इंटर्न की तुलना में काफी कम स्टाइपेंड दिया जा रहा है।
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मांग को लेकर सोमवार को भोपाल में भी बैठक हुई। इसमें आयुर्वेद महाविद्यालय की ओर से एक प्रतिनिधिमंडल शामिल होने पहुंचा। उज्जैन में धरने पर बैठे छात्रों का कहना है कि यदि भोपाल में उनकी मांग पर सहमति बनती है और स्टाइपेंड बढ़ाने का लिखित आदेश जारी कर दिया जाता है तो वे आंदोलन खत्म कर देंगे। फिलहाल छात्रों ने धरना जारी रखने का फैसला किया है। उनका कहना है कि लिखित आदेश मिलने तक वे पीछे नहीं हटेंगे। मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी भी दी गई है।




