कभी भी खुल सकते हैं बरगी डैम के गेट, नर्मदा घाटों पर 3 से 4 फीट बढ़ेगा पानी, डैम प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

जबलपुर में बरगी डैम का जलस्तर 78% होने के बाद अगले 24 घंटे में कभी भी गेट खोले जा सकते हैं। पानी छोड़े जाने से नर्मदा नदी के घाटों पर जलस्तर 3 से 4 फीट बढ़ेगा। प्रशासन ने तटीय इलाकों में अलर्ट जारी कर लोगों से सुरक्षित रहने की अपील की है।

Updated: Aug 14, 2026, 07:31 PM IST

जबलपुर। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में लगातार हो रही बारिश के चलते नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। इसका असर रानी अवंति बाई लोधी सागर परियोजना के बरगी डैम पर भी दिखाई दे रहा है। जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण बांध प्रबंधन जलभराव को नियंत्रित करने के लिए कभी भी बांध के गेट खोल सकता है। गेट खुलने के बाद नर्मदा नदी के घाटों और तटीय इलाकों में पानी का स्तर करीब 3 से 4 फीट तक बढ़ने की संभावना है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने और आने-जाने वाले लोगों से सतर्क रहने तथा नदी से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है।

बरगी बांध के कार्यपालन यंत्री राजेश सिंह के मुताबिक, 14 अगस्त की सुबह 8 बजे बांध का जलस्तर 420.15 मीटर दर्ज किया गया। फिलहाल जलाशय में उपलब्ध जल की उपयोगी क्षमता 2492 एमसीएम यानी 78.36 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी रहने और जलाशय में लगातार पानी आने से प्रबंधन की निगाह जलस्तर पर बनी हुई है।

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इस समय बरगी डैम में पानी की आवक करीब 760 क्यूमेक है। डैम वाले क्षेत्र में मौसम विभाग के बारिश के पूर्वानुमान और संभावित जल आवक को देखते हुए अगले 24 घंटे में बांध से लगभग 1000 क्यूमेक पानी छोड़े जाने की संभावना है। हालांकि, बांध से वास्तविक रूप से कितना पानी छोड़ा जाएगा यह जलाशय में आने वाले पानी की मात्रा पर निर्भर करेगा। आवक बढ़ने या घटने की स्थिति में छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा में भी बदलाव किया जा सकता है।

बांध प्रबंधन के अनुसार, गेट खोलने से पहले संबंधित अधिकारियों और क्षेत्रों तक सूचना पहुंचाई जाएगी। इसके लिए वायरलेस मैसेज और संबंधित वॉट्सऐप ग्रुप के माध्यम से जानकारी साझा की जाएगी। लोगों से अपील की गई है कि वे सूचना मिलने के बाद नर्मदा के घाटों या नदी के तटीय इलाकों में जाने से बचें।

बरगी बांध के गेट खोले जाने की स्थिति में नर्मदा नदी के घाटों पर जलस्तर में करीब 3 से 4 फीट की बढ़ोतरी हो सकती है। इससे नदी के किनारे और निचले तटीय इलाकों में जोखिम बढ़ सकता है। इसलिए लोगों को नदी से पर्याप्त दूरी बनाए रखने और किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेने की सलाह दी गई है। बांध प्रबंधन ने खास तौर पर नर्मदा घाटों पर जाने वाले लोगों से अपील की है कि गेट खोले जाने की सूचना मिलने के बाद नदी के आसपास न जाएं और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर रहें।

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