चुनाव आयोग बीजेपी के प्रकोष्ठ की तरह काम कर रहा, CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भोपाल में कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन
पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया ने CEC ज्ञानेश कुमार को फांसी की सजा की मांग की और कहा कि अगर ईवीएम से चुनाव हुए तो वे चुनाव का बहिष्कार करेंगे।
भोपाल। वोट चोरी और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष देशभर में आंदोलनरत है। सोमवार को भोपाल में कांग्रेस ने बड़ा प्रदर्शन किया। इस दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया ने CEC ज्ञानेश कुमार को फांसी की सजा की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि अगर ईवीएम से चुनाव हुए तो वे चुनाव का बहिष्कार करेंगे। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी समेत पार्टी के तमाम बड़े नेता और बड़ी संख्य में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कांग्रेस कार्यकर्ता सोमवार सुबह करीब 11 बजे पीसीसी मुख्यालय इकट्ठा हुए थे। यहां पार्टी नेताओं के संबोधन के बाद सभी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) कार्यालय का घेराव करने निकले। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग लगा दिया था। ऐसे में कुछ कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर भी चढ़ गए। कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन से पानी की बौछार की।
प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का मुखौटा पहने और जंजीरों में जकड़े एक कार्यकर्ता को जीतू पटवारी और उमंग सिंघार जंजीरों से पकड़े नजर आए। कांग्रेस जन 'वोट चोर, गद्दी छोड़’ के पोस्टर लेकर पहुंचे थे। पुलिस ने इस दौरान जीतू पटवारी समेत कई कांग्रेसजनों को हिरासत में ले लिया। इस दौरान पटवारी ने राज्य सरकार पर तानाशाही करने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बीजेपी और चुनाव आयोग की मिलीभगत पूरा प्रदेश देख रहा है।
वहीं, महिला कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शोभा ओझा ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग बीजेपी के प्रकोष्ठ की तरह काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयुक्त की नियुक्ति के नियम बदले गए हैं। CJI को हटाकर केंद्र के मंत्री को चयन प्रक्रिया में शामिल किया गया, ताकि जो भी CEC बने, वह बीजेपी के प्रकोष्ठ के तौर पर काम करे। बता दें कि कांग्रेस पार्टी मतदाता सूची से करीब 34 लाख नाम हटाने के मामले में विरोध जता रही है और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे व कार्रवाई की मांग कर रही है।




