सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा से पहले दिग्विजय सिंह ने किए चिंतामन गणेश और महाकाल के दर्शन
यात्रा का उद्देश्य धर्म के नाम पर हो रहे अधर्म, मंदिरों में चढ़ावे की चोरी और देवस्थानों की मर्यादा से जुड़े विषयों पर जनजागरण करना तथा सनातन धर्म के वास्तविक स्वरूप और मूल्यों के प्रति समाज को जागरूक करना है।
उज्जैन। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा मंगलवार को उज्जैन से शुरू हो रही है। यात्रा के शुभारंभ से पहले दिग्विजय सिंह ने धार्मिक अनुष्ठानों के साथ दिन की शुरुआत की। उन्होंने सबसे पहले चिंतामन गणेश मंदिर पहुंचकर भगवान गणेश के दर्शन किए। इसके बाद महाकालेश्वर मंदिर में भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया और हरसिद्धि मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की।
मंदिरों में दर्शन-पूजन के बाद दिग्विजय सिंह असंख्य पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं पूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में साधु-संत मौजूद हैं। यहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शिवलिंगों का निर्माण और पूजन किया जा रहा है। विजयादशमी के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम के जरिए यात्रा के शुभारंभ से पहले धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं।
दिग्विजय सिंह की इस यात्रा को शुरू होने से पहले ही कई प्रमुख धर्मगुरुओं का समर्थन मिल चुका है। ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती ने यात्रा के समर्थन में पत्र जारी कर अपनी शुभकामनाएं दी हैं। इसके अलावा अग्निपीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर ब्रह्मर्षि रामकृष्णानंद ने भी यात्रा का समर्थन किया है। अयोध्या के संत और राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे संतोष दुबे ने भी दिग्विजय सिंह की पहल का समर्थन किया है।
930 किलोमीटर लंबी यह यात्रा विजयादशमी के दिन शिवधाम उज्जैन से शुरू होकर रामधाम अयोध्या तक जाएगी। यात्रा का उद्देश्य धर्म के नाम पर हो रहे अधर्म, मंदिरों में चढ़ावे की चोरी और देवस्थानों की मर्यादा से जुड़े विषयों पर जनजागरण करना तथा सनातन धर्म के वास्तविक स्वरूप और मूल्यों के प्रति समाज को जागरूक करना है।




