विमल इलायची विज्ञापन पर शाहरुख, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को FDA का नोटिस, 15 दिन में मांगा जवाब

महाराष्ट्र FDA ने विमल इलायची विज्ञापन में शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ की भूमिका पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

Updated: Aug 16, 2026, 03:12 PM IST

महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को विमल इलायची के विज्ञापन को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। FDA का आरोप है कि विज्ञापन के जरिए महाराष्ट्र में प्रतिबंधित विमल पान मसाला का अप्रत्यक्ष प्रचार किया जा रहा है। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, तीनों अभिनेताओं को 11 अगस्त को नोटिस भेजकर 15 दिन के भीतर अपनी भूमिका पर जवाब और स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।

FDA ने शाहरुख खान को बांद्रा स्थित उनके घर मन्नत, अजय देवगन को मुंबई के जुहू स्थित आवास और टाइगर श्रॉफ को उनकी प्रोडक्शन कंपनी टाइगर श्रॉफ प्रोडक्शंस एलएलपी के पते पर नोटिस भेजा है। विभाग ने विज्ञापन में इस्तेमाल किए गए विमल नाम, प्रोडक्ट और संवादों को लेकर आपत्ति जताई है।

FDA के मुताबिक, विज्ञापन में विमल ब्रांड की पहचान को प्रमुखता से पेश किया गया है। विभाग का मानना है कि चूंकि इसी ब्रांड का संबंध पान मसाला उत्पाद से भी है इसलिए इलायची जैसे दूसरे उत्पाद के विज्ञापन के जरिए प्रतिबंधित पान मसाले की ब्रांडिंग को बढ़ावा मिल सकता है।

ऐसे विज्ञापनों को आमतौर पर सरोगेट विज्ञापन कहा जाता है। इसमें किसी ऐसे उत्पाद का सीधे प्रचार नहीं किया जाता जिस पर प्रतिबंध या विज्ञापन संबंधी पाबंदी हो बल्कि उसी ब्रांड से जुड़े किसी दूसरे उत्पाद को विज्ञापन का माध्यम बनाया जाता है। हालांकि, इलायची जैसे उत्पाद का विज्ञापन अपने आप में गैरकानूनी नहीं है। महाराष्ट्र में पान मसाला पर लागू प्रतिबंध के कारण FDA ने इस मामले में अप्रत्यक्ष प्रचार की संभावना पर सवाल उठाया है।

महाराष्ट्र में तंबाकू या निकोटिन वाले गुटखा और पान मसाला पर साल 2012 से प्रतिबंध लागू है। इस प्रतिबंध को समय-समय पर आगे बढ़ाया जाता है। मौजूदा रोक 13 जुलाई 2026 से अगले एक साल के लिए प्रभावी है। इसके तहत प्रतिबंधित पान मसाले के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री पर रोक है।

इसी बीच FDA ने संगठित गुटखा और तंबाकू नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई और तेज करने के निर्देश दिए हैं। FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने 12 जून को अधिकारियों से कहा था कि ऐसे मामलों में पुलिस के साथ समन्वय कर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम यानी MCOCA के तहत भी कड़ी कार्रवाई की जाए।

महाराष्ट्र में प्रतिबंधित गुटखा और पान मसाले के खिलाफ चलाए गए अभियान के दौरान बड़ी कार्रवाई की गई है। FDA के 25 मई से 31 जुलाई तक के आंकड़ों के अनुसार, विभाग ने 658 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान 15.11 करोड़ रुपये मूल्य का प्रतिबंधित स्टॉक जब्त किया गया था।

कार्रवाई के दौरान 519 FIR दर्ज की गईं और 701 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। प्रतिबंधित माल की ढुलाई में इस्तेमाल किए जा रहे 78 वाहनों को भी जब्त किया गया था। जिनकी कुल कीमत करीब 6.6 करोड़ रुपये बताई गई है।

विमल इलायची के प्रचार को लेकर इससे पहले भी कानूनी और नियामकीय सवाल उठ चुके हैं। साल 2018 में स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशालय ने सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA), 2003 के तहत विमल इलायची का प्रचार करने वाली कंपनी विष्णु पाउच पैकेजिंग प्राइवेट लिमिटेड को नोटिस जारी किया था।

कंपनी ने अदालत में दलील दी थी कि वह घरेलू बाजार में विमल ब्रांड नाम से तंबाकू उत्पाद नहीं बनाती है। इसके बाद जनवरी 2024 में दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा। जिसमें कंपनी को तंबाकू रहित उत्पादों का विज्ञापन करने की अनुमति दी गई थी।

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि जब तक किसी उत्पाद पर संवैधानिक या कानूनी प्रतिबंध लागू नहीं है तब तक तंबाकू रहित पान मसाला का कारोबार करना कंपनी के मौलिक अधिकार के दायरे में आता है। अब महाराष्ट्र FDA ने राज्य में लागू पान मसाला प्रतिबंध के संदर्भ में विमल इलायची के विज्ञापन में शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ की भूमिका पर स्पष्टीकरण मांगा है।