मिहिर भोज की प्रतिमा पर विवाद बरकरार, शिलापट्टिका ढंकने गई प्रशानिक टीम पर पथराव, ASP घायल

हाई कोर्ट के आदेश के बाद ग्वालियर की प्रशासनिक टीम शिलापट्टिका को ढंकने गई थी, इसी दौरान गुर्जर समाज के लोगों ने अमले पर पथराव करना शुरू कर दिया

Publish: Sep 26, 2021, 01:48 PM IST

मिहिर भोज की प्रतिमा पर विवाद बरकरार, शिलापट्टिका ढंकने गई प्रशानिक टीम पर पथराव, ASP घायल
Photo Courtesy: Dainik Bhaskar

ग्वालियर। हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद सम्राट मिहिर की जाति को लेकर विवाद थामने का नाम नहीं ले रहा है। सम्राट मिहिर की जाति को लेकर आपस में भिड़े गुर्जर और क्षत्रिय समाज के आक्रोश की चपेट में ग्वालियर की प्रशासनिक टीम भी आ गई। शनिवार देर रात गुर्जर समाज के लोगों ने ग्वालियर के प्रशासनिक अमले पर हमला कर दिया। जिसमें एएसपी घायल हो गए। 

हाई कोर्ट के आदेश के बाद शनिवार रात को ग्वालियर की प्रशासनिक टीम सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा पर लगी शिलापट्टिका को ढंकने पहुंची थी। लेकिन इसी दौरान गुर्जर समाज के कुछ लोगों ने प्रशानिक टीम की कार्यवाही में बाधा डालते हुए पथराव शुरू कर दिया। जवाब में प्रशासनिक अमले भी पत्थरबाजी कर रहे है लोगों पर आंसू गैस के गोले दागने शुरू कर दिए। 

पूरे घटनाक्रम की सूचना मिलते ही ग्वालियर प्रशासन के आला दर्ज के अधिकारी मौके पर पहुंचे। सभी हालात को नियंत्रित करने के इरादे से आए थे। लेकिन लोगों का आक्रोश ऐसा था कि आला अधिकारी भी तत्काल स्थिति नियंत्रित नहीं कर पाए। इस दौरान एएसपी राजेश दंडोतिया भी पथराव का शिकार हो गए। उनके पैर में चोट आई है। 

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हालांकि प्रशासन ने शिलापट्टिका को ढंकने में कामयाबी हासिल कर ली। पट्टिका को टीन की मदद से चारों और से ढंक दिया गया है। लेकिन प्रतिमा को कोर्ट के आदेशानुसार अभी खुला रखा गया है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने जाति विवाद वाले इस मामले में कमिश्नर की अध्यक्षा में एक कमेटी का गठन किया है। जिसे इस मामले की रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए गए हैं। कोर्ट इस मामले में अगली सुनवाई 20 अक्टूबर को करने का फैसला किया। इसलिए फैसला आने से पहले तक कोर्ट ने शिलापट्टिका को ढंकने के लिए निर्देशित किया है।

यह सारा विवाद 8 सितंबर को ग्वालियर नगर निगम द्वारा सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा स्थापित करने के बाद से शुरू हुआ है। प्रतिमा की शिलापट्टिका में सम्राट को गुर्जर समाज का बताया गया है। जबकि क्षेत्रिय समाज का भी यह दावा है कि सम्राट मिहिर उनकी जाति से ताल्लुक रखते थे।