त्योहारी सीजन में महंगाई का झटका, LPG सिलेंडर से लेकर दूध और हवाई सफर तक हुआ महंगा
1 सितंबर से आम जनता पर महंगाई की मार पड़ी है। कॉमर्शियल LPG सिलेंडर 11.50 रुपए, मुंबई में थोक दूध 9 रुपए और CNG 2 रुपए प्रति किलो महंगी हो गई है। साथ ही गाड़ियां और विदेश यात्रा भी महंगी हो गई है।
नई दिल्ली। सितंबर की शुरुआत आम लोगों के बजट पर असर डालने वाले कई बदलावों के साथ हुई है। 1 सितंबर से कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम औसतन 11.50 रुपए बढ़ गए हैं। मुंबई में थोक दूध 9 रुपए प्रति लीटर महंगा हो गया है। जबकि, सीएनजी और घरेलू पीएनजी की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। दूसरी ओर टाटा मोटर्स और हुंडई ने अपनी कारों की कीमतें बढ़ाई हैं। हवाई ईंधन महंगा होने से आने वाले दिनों में एयर टिकट के दाम बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है।
कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में औसतन 11.50 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। कोलकाता में अब 19 किलो के सिलेंडर की कीमत 2,884 रुपए हो गई है जो पहले 2,872.50 रुपए थी। 5 किलो का एलपीजी सिलेंडर भी 2 रुपए महंगा हुआ है और अब इसकी कीमत 764 रुपए हो गई है। इसका असर रेस्टोरेंट, होटल और कैटरिंग कारोबार की लागत पर पड़ सकता है और आगे चलकर खाने-पीने की चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
यह भी पढ़ें:ग्वालियर में निकाह से इनकार करने पर 17 साल की किशोरी की हत्या, सनकी आशिक ने चुनरी से घोंटा गला
मुंबई में बॉम्बे मिल्क प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन ने थोक दूध की दर 93 रुपए से बढ़ाकर 102 रुपए प्रति लीटर कर दी है। नई कीमत 1 सितंबर से 28 फरवरी 2027 तक लागू रहेगी। दूध के दाम बढ़ने का असर आगे खुदरा कीमतों के साथ दही, पनीर और मिठाइयों जैसे उत्पादों पर भी पड़ सकता है। तमिलनाडु में एविंस दूध के खरीद मूल्य में भी 3 रुपए प्रति लीटर की वृद्धि हुई है। इससे खरीद दर 41 से बढ़कर 44 रुपए हो गई है। दो सप्ताह से भी कम समय में यह दूसरी बढ़ोतरी है और कुल वृद्धि 6 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गई है। चारे, भूसे, खली, पशुओं के रखरखाव और परिवहन लागत में बढ़ोतरी को इसकी वजह बताया गया है।
एलपीजी ग्राहकों के लिए भी ई केवाईसी से जुड़ा बदलाव अहम है। सब्सिडी का लाभ जारी रखने के लिए ई केवाईसी की अंतिम तारीख 31 अगस्त निर्धारित की गई थी। जिन उपभोक्ताओं ने अब तक बायोमेट्रिक पहचान पूरी नहीं की है उन्हें सब्सिडी मिलने में परेशानी हो सकती है और कुछ मामलों में गैस सेवा पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि, सिलेंडर बुकिंग तत्काल बंद होगी या नहीं यह संबंधित कंपनी के नियमों पर निर्भर करेगा। ऐसे उपभोक्ताओं को जल्द गैस एजेंसी से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
यह भी पढ़ें:ईरान से युद्ध के बीच अमेरिका में बड़ा इस्तीफा, आर्मी सेक्रेटरी डैन ड्रिस्कॉल ने छोड़ा पद
विदेश यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए भी 1 सितंबर से प्रक्रिया में बदलाव हुआ है। अब भारत से विदेश जाने वाले यात्रियों के बोर्डिंग पास पर इमिग्रेशन काउंटर से स्टैम्प लगवाने की जरूरत नहीं होगी। प्रक्रिया डिजिटल कर दी गई है और यात्री इमिग्रेशन के दौरान मोबाइल पर ई बोर्डिंग पास दिखा सकेंगे। हालांकि, पासपोर्ट, वीजा और सुरक्षा जांच से जुड़े दूसरे नियम पहले की तरह लागू रहेंगे। इससे एयरपोर्ट पर यात्रियों का समय बचने और इमिग्रेशन प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।
ऑटो सेक्टर में भी ग्राहकों को ज्यादा कीमत चुकानी होगी। टाटा मोटर्स ने 1 सितंबर से अपने सभी मॉडल और वैरिएंट की कीमतों में 25,000 रुपए तक की बढ़ोतरी की है। वहीं, हुंडई मोटर इंडिया ने वाहनों के दाम करीब 1 प्रतिशत तक बढ़ाए हैं। कंपनियों ने कमोडिटी की बढ़ती कीमतों, ऑपरेशनल कॉस्ट और महंगाई के दबाव को कीमतों में बदलाव की वजह बताया है। किसी वाहन पर वास्तविक बढ़ोतरी उसके मॉडल और वैरिएंट के अनुसार अलग होगी।
मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में सीएनजी इस्तेमाल करने वालों के लिए भी खर्च बढ़ गया है। महानगर गैस लिमिटेड ने 1 सितंबर की आधी रात से सीएनजी के दाम 2 रुपए प्रति किलोग्राम बढ़ाकर 88 रुपए कर दिए हैं। पीएनजी की कीमत में भी 1 रुपए प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर की वृद्धि की गई है। कंपनी के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्राकृतिक गैस की कीमतों में बढ़ोतरी और मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच महंगी आयातित लिक्वीफाइड नैचुरल गैस पर बढ़ती निर्भरता इसका प्रमुख कारण है। इस बढ़ोतरी का असर महाराष्ट्र के मुंबई, ठाणे, रायगढ़ समेत छह जिलों और कर्नाटक के दो जिलों के करीब 13 लाख सीएनजी वाहनों पर पड़ेगा। पीएनजी की बढ़ी कीमतों का प्रभाव मुंबई और आसपास के करीब 30 लाख परिवारों पर पड़ सकता है।
यह भी पढ़ें:मोबाइल का बैटरी और डेटा तेजी से खत्म होना भी हैकिंग का संकेत, CBI ने जारी की एडवाइजरी
हवाई यात्रा भी आने वाले दिनों में महंगी हो सकती है। देश में एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF की कीमत लगातार दूसरे महीने बढ़ाई गई है। इसमें 6.28 रुपए प्रति लीटर यानी 5.46 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और कीमत 115 रुपए से बढ़कर 121.28 रुपए प्रति लीटर हो गई है। एयरलाइनों के कुल परिचालन खर्च में ईंधन की हिस्सेदारी करीब 35 से 40 प्रतिशत तक होती है। ऐसे में ATF की बढ़ी लागत का असर विमान कंपनियों के खर्च पर पड़ेगा और कंपनियां इसका कुछ बोझ यात्रियों पर डाल सकती हैं। इससे आने वाले दिनों में हवाई टिकट महंगे होने की संभावना है।




