जंतर मंतर प्रोटेस्ट: सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की सभी FIR, CJP ने 5 सितंबर का मार्च वापस लिया

सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद CJP नेताओं से किए गए तीनों वादे पूरे करने के लिए सरकार वचनबद्ध है।

Updated: Sep 01, 2026, 04:23 PM IST

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन से जुड़ी सभी FIR को रद्द कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले के लिए संविधान के अनुच्छेद 142 में दी गई अपनी शक्तियों का इस्तेमाल किया है। इधर, कॉकरोच जनता पार्टी ने 5 सितंबर के मार्च को वापस ले लिया है।

हालांकि, केंद्र सरकार ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान क्रिमिनल रिकॉर्ड वाले 2,873 लोग वहां पहुंचे थे। इनमें से जिन लोगों ने उस दौरान मारपीट या संपत्ति को नुकसान पहुंचाया हो तो उन पर यह केस चलता रहेगा।
मामले की सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद CJP नेताओं से किए गए तीनों वादे पूरे करने के लिए सरकार वचनबद्ध है।

केंद्र सरकार की तरफ से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि केंद्र के प्रतिनिधियों ने सीजेपी नेताओं से बात की है। केंद्र सरकार ने तीन भरोसे दिलाए थे। छात्रों पर FIR रद्द होंगी, कोई नई एफआईआर नहीं होगी और मुआवजा भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ये तीनों वादे पूरे करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मेहता ने कहा कि सरकार सुसाइड करने वाले छात्रों के परिजनों को मुआवजे देने के वादे पर कायम है लेकिन इसके लिए मोडेलिटी बनानी होंगी। इस योजना के लिए सरकार को तीन महीनें चाहिए। मेहता ने कहा कि सरकार अपने भरोसे को लेकर प्रतिबद्ध है। सीजेपी की तरफ से पेश वरिष्ठ वकील वृंदा ग्रोवर ने इसपर मेहता से सवाल किया कि तीन महीने का समय की मतलब है कि मुआवजा दे दिया जाएगा इस समय सीमा में। इसपर मेहता ने कहा कि हां, भुगतान भी होगा।

इसके बाद मेहता ने कहा ने CJP के प्रस्तावित 5 सितंबर के प्रदर्शन का हवाला दिया। सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि अब सरकार सारे वादों को पूरा कर रही है। CJP नेता यहां हैं तो वो इसपर कोई फैसला करें। इसके बाद सीजेपी नेता सौरभ दास ने कहा कि CJP समझती है कि पांच सिंतबर के प्रदर्शन  को वापस लेने का फैसला कर रही है। इस तरह CJP ने दिल्ली में पांच सितंबर के प्रस्तावित मार्च को वापस लेने का फैसला किया। सुप्रीम कोर्ट में कहा कि केंद्र के भरोसे के बाद पार्टी पांच सितंबर के प्रदर्शन को वापस लेना चाहती है।