दिग्विजय सिंह ने रखी सदाव्रत आश्रम की आधारशिला, एक साथ सौ परिक्रमा वासियों को मिलेगी विश्राम की सुविधा

माँ नर्मदा संरक्षण न्यास की तरफ़ से अध्यक्ष दिग्विजय सिंह व अमृता राय ने नरसिंहपुर के रोहणी गाँव में विशाल आश्रम निर्माण की शुरुआत की।

Updated: Oct 14, 2026, 01:49 PM IST

नरसिंहपुर। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह एवं उनकी पत्नी अमृता राय ने मंगलवार को नरसिंहपुर जिले के रोहणी गांव में नर्मदा परिक्रमा वासियों के लिए एक आश्रम की आधारशिला रखी। मां नर्मदा संरक्षण न्यास (मानस न्यास) की ओर से बनाए जा रहे इस आश्रम में एक साथ करीब 100 परिक्रमा वासियों के ठहरने की व्यवस्था होगी। इसका उद्देश्य नर्मदा परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान अल्पकालिक विश्राम और मुफ़्त भोजन की सुविधा उपलब्ध कराना है। 

नवरात्रि के तीसरे दिन विधि-विधान पूजन के साथ सिंह दंपति ने आश्रम निर्माण की आधारशिला रखी और आसपास के ग्रामवासियों के लिए भव्य भंडारे का आयोजन किया। जिसमें अमोदा पंचायत समेत कई गाँवों के लोग सम्मिलित हुए। इस दौरान बड़ी तादाद में दिग्विजय सिंह के समर्थकों का जमावड़ा भी रहा। 

इससे पूर्व में न्यास की तरफ़ से इसी गाँव में अस्थायी आश्रम भी चलाया जा रहा था जिसे व्यवस्थित रूप देने के लिए पक्का निर्माण कार्य शुरू करने की शुरुआत हुई है। मानस न्यास धार्मिक गतिविधियों के अलावा शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी स्थानीय स्तर पर कार्य कर रहा है। न्यास की ओर से गांव के शासकीय स्कूल के पुनर्निर्माण के साथ ही समय-समय पर बच्चों को पढ़ाई के लिए किताबें और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई जाती रही है। करीब तीन दशक पूर्व निर्मित यहां के स्कूल की इमारत जर्जर हो गई थी, जिसके बाद बच्चों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए इसके पुनर्निर्माण की पहल की गयी जो अब बनकर तैयार होने के क़रीब है। 

न्यास की प्राथमिकताओं में ग्रामीण आबादी के लिए साल में एक बार स्वास्थ्य शिविर का आयोजन कराना भी है। इस निमित्त कई बार रोहणी गाँव में स्वास्थ्य शिविर का सफल आयोजन किया जा चुका है जिसमें आसपास के हज़ारों ग्राम वासियों ने स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठाया है। न्यास की पहल पर गांव में नर्मदा नदी को साफ़ सुथरा रखने और उसके संरक्षण से जुड़े कार्यक्रम भी समय समय पर आयोजित कराए जाते रहे हैं। 

दिग्विजय सिंह ने कुछ साल पहले नर्मदा तट पर बसे रोहणी गांव को गोद लेने की घोषणा की थी। इसके बाद से उनके द्वारा स्थापित व संचालित न्यास की ओर से गांव में धार्मिक आयोजनों के अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पर्यावरण के क्षेत्र में लोगों को जागरूक करने एवं बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने का प्रयास जारी है। 

ग्राम सड़क एवं शासकीय स्कूल के पुनर्निर्माण के अलावा रोहणी गाँव में नर्मदा किनारे घाट का निर्माण भी न्यास की पहल पर किए गए कामों में एक महत्वपूर्ण पहल है। नर्मदा परिक्रमा वासियों के लिए आश्रम का निर्माण परिक्रमा करने वाले सभी श्रद्धालुओं को विश्राम का एक सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित अनुभव देना है। रोहिणी गांव में बनने वाले इस आश्रम में ठहरनेवाले सभी श्रद्धालुओं को मुफ़्त भोजन की भी व्यवस्था होगी। 

दिग्विजय सिंह और अमृता राय ने अप्रैल 2018 में नर्मदा परिक्रमा पूर्ण होने के बाद दिवंगत शंकराचार्य स्वामी स्वरुपानंद सरस्वती जी के आशीर्वाद से सामाजिक कार्य करने के वास्ते "नर्मदा संरक्षण न्यास" ट्रस्ट की संकल्पना की थी। तब से सिंह दंपति न्यास के माध्यम से नर्मदा तट पर स्थित रोहिणी गांव में स्कूली शिक्षा को बेहतर बनाने और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं।

दिग्विजय सिंह ने 2017 से 2018 के दौरान खुद नर्मदा परिक्रमा की थी जिसमें उनके साथ उनकी पत्नी व क़रीब 300 विभिन्न जाति समाज के लोग शामिल हुए थे। यह पैदल परिक्रमा 192 दिनों में पूर्ण हुई और तभी से सिंह दंपत्ति ने नर्मदा तट के लोगों के लिए काम करने का संकल्प लिया था।