MLA Arif Masood: जबलपुर हाईकोर्ट ने आरिफ मसूद की अग्रिम जमानत पर फैसला रखा सुरक्षित, सरेंडर की अटकलें तेज

जबलपुर हाई कोर्ट में कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद मामले की सुनवाई पूरी, कोर्ट के फैसला का इंतजार, भोपाल जिला कोर्ट में आज सरेंडर की अटकलें तेज, कोर्ट में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात

Updated: Nov 25, 2020, 10:31 PM IST

MLA Arif Masood: जबलपुर हाईकोर्ट ने आरिफ मसूद की अग्रिम जमानत पर फैसला रखा सुरक्षित, सरेंडर की अटकलें तेज
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भोपाल। जबलपुर हाईकोर्ट में कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी हो गई है। हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। इस बीच कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के सरेंडर की अटकलें तेज हो गई हैं। भोपाल जिला कोर्ट के आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। विधायक मसूद ने भोपाल कोर्ट से जारी गिरफ्तारी वारंट को जबलपुर हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। कांग्रेस विधायक पर धार्मिक भावनाएं भड़काने का मामला दर्ज है।

भोपाल के इक़बाल मैदान में फ्रांस के विरोध में प्रदर्शन में दिए उनके भाषण को भड़काऊ मानते हुए गैर जमानती धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए विधायक ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

 हाईकोर्ट में करीब ढाई घंटे तक सुनवाई चली। विधायक की ओर से वरिष्ठ कांग्रेस नेता और वकील विवक तन्खा और अजय गुप्ता ने दलीलें पेश की। जिसमें कहा गया कि पुलिस ने 29 अक्टूबर को कलेक्टर ऑर्डर के उल्लंघन की FIR दर्ज की थी। उस FIR में कलेक्टर के आदेश के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया। जबकि सरकार के इशारे पर चार नवंबर को भड़काऊ भाषण देने का जिक्र करते हुए 153 ए की धारा लगाई गई।

वहीं सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से सफाई दी गई कि कांग्रेस विधायक के विरुद्ध अब तक 29 केस दर्ज हो चुके हैं। जबलपुर दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की डिविजन बेंच ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।आपको बता दें कि कोर्ट से वारंट जारी होने के बाद से कांग्रेस विधायक पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। वहीं इस मामले में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।

 हाल ही में कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद का एक वीडियो आया था, जिसमें उन्होंने झूठा मामला दर्ज करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि वे फरार नहीं हैं। उनके लिए फरार शब्द का उपयोग नहीं किया जाए। हाईकोर्ट से जमानत नहीं मिलने पर वे भोपाल कोर्ट में सरेंडर कर देंगे। उन्होंने न्यायालय पर पूरा भरोसा करते हुए हुए इंसाफ की उम्मीद जताई थी।