ख़ज़ाने की खोज में टूटा पूरा गाँव, 8 दिन में खोद डाला सूखी पार्वती नदी का गर्भ

मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले की पार्वती नदी में पिछले तीन दिनों से लोग कर रहे हैं खुदाई, नदी में मुगलकालीन सिक्कों और खजाने की मौजूदगी की अफवाह

Updated: Jan 11, 2021, 03:35 PM IST

ख़ज़ाने की खोज में टूटा पूरा गाँव, 8 दिन में खोद डाला सूखी पार्वती नदी का गर्भ

भोपाल। राजगढ़ जिले में एक दिलचस्प मगर अजीबो गरीब मामला सामने आया है। राजगढ़ की पार्वती नदी में लोग खुदाई कर रहे हैं। लेकिन यह खुदाई पानी के खोज के लिए नहीं है। बल्कि लोग नदी में मुगलकालीन सिक्कों और खजाने की खोज कर रहे हैं। राजगढ़ जिले में यह अफवाह बड़ी तेज़ी से फैली है कि नदी में मुगलों के ज़माने का पुराना खजाना दबा है, जिसमें बेशकीमती सिक्के और दूसरी कीमती चीज़ें मौजूद हैं। 

दरअसल हाल ही में स्थानीय लोगों को नदी किनारे कुछ सिक्के मिले थे। इसके बाद पूरे इलाके में अफवाह फैल गई कि नदी में मुगलकालीन खजाना छिपा है। बस फिर क्या था, जैसे ही यह अफवाह फैली लोगों ने सूखी नदी में खुदाई करनी चालू कर दी। नदी में खज़ाना मिलने की यह अफवाह राजगढ़ के अलावा सीहोर और गुना ज़िले तक फैल चुकी है, लिहाजा वहां भी बड़ी संख्या में ग्रामीण नदी में खुदाई करके और अपनी किस्मत आजमाने पहुंच गए।

अब इन तमाम इलाकों के लोग बड़ी तादाद में सूखी नदी में खुदाई कर रहे हैं। सबको उम्मीद है कि उन्हें नदी में दबा कोई मुगलकालीन खजा़ाना मिलेगा, जिसमें बेशकीमती सिक्के भरे हैं। स्थानीय निवासी और खुदाई में शामिल 18 वर्षीय युवक ने हिंदी के एक अखबार को बताया कि नदी में खुदाई करने वाले तमाम लोग यही सुनकर आए हैं कि नदी में ऐसे मुगलकालीन सिक्के मिल रहे हैं जिनकी कीमत लाखों में हैं। यही वजह है कि खुदाई में शामिल सभी लोग बड़ी तत्परता से खजाने की तलाश में लगे हुए हैं। इन लोगों में कम उम्र नौजवानों से लेकर बुजुर्ग तक हर उम्र के लोग शामिल हैं।

नदी की खुदाई में जुटे लोगों की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन को वहां अपना पूरा अमला तैनात करना पड़ा है। राजगढ़ प्रशासन लोगों को समझाने की कोशिश भी कर रहा है कि वे इन अफवाहों पर ध्यान न दें। लेकिन सिक्कों और खजाने की लालसा इतनी है कि लोग प्रशासन की बात सुनने को तैयार नहीं हैं।

अफवाह की हकीकत क्या है 

राजगढ़ और आसपास के क्षेत्र में फैली इस अफवाह को रोकने की कोशिश कर रहे राजगढ़ के कलेक्टर नीरज कुमार का कहना है कि कुछ दिनों पहले, कुछ लोगों को नदी के किनारे कुछ सिक्के ज़रूर मिले थे। इसी के बाद पूरे इलाके में अफवाह फैल गई कि नदी में खजाना छिपा हुआ है। कलेक्टर के मुताबिक ज्वैलर्स को नदी से मिले सिक्कों का मूल्य जांचने को कहा गया, तो उन्होंने बताया कि ये सिक्के कांसे और लोहे के हैं, जिनकी कोई खास कीमत नहीं है। कलेक्टर के मुताबिक पुरातत्व विभाग से भी सिक्कों की जांच करने को कहा गया है ताकि ये पता चल सके कि क्या उनका कोई एतिहासिक या पुरातात्विक महत्व है।