देशभर में मानसून का असर, कई राज्यों में बाढ़-बारिश और लैंडस्लाइड से जनजीवन प्रभावित

मानसून ने इस बार रिकॉर्ड 36 दिनों में पूरे भारत को कवर कर लिया। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, केरल और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश, बाढ़, जलभराव और लैंडस्लाइड से जनजीवन प्रभावित हुआ।

Updated: Jul 10, 2026, 12:30 PM IST

देशभर में मानसून ने गुरुवार को पूरे भारत को कवर कर लिया। सामान्य तौर पर पूरे देश में मानसून के पहुंचने में करीब 38 दिन लगते हैं लेकिन इस बार यह केवल 36 दिनों में ही पूरे देश में सक्रिय हो गया। हालांकि, भारतीय मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि अगले दो दिनों के बाद मानसून की रफ्तार कुछ धीमी पड़ सकती है। इस बीच उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, केरल और हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी बारिश, लैंडस्लाइड और जलभराव से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।

उत्तराखंड में लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में हालात गंभीर बने हुए हैं। उत्तरकाशी जिले में स्यानाचट्टी के पास यमुनोत्री हाईवे और नालूपानी के पास गंगोत्री हाईवे भूस्खलन के कारण बंद हो गए हैं। यमुनोत्री मार्ग बंद होने से करीब एक हजार यात्री रास्ते में फंस गए हैं। पिथौरागढ़ में आदि कैलाश मार्ग भी चट्टानें गिरने के कारण अवरुद्ध हो गया है। हरिद्वार में भारी बारिश से कई सड़कों पर तीन से चार फीट तक पानी भर गया। वहीं, राज्य के 10 जिलों में बारिश के चलते स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।

टिहरी जिले में लगातार बारिश के कारण नई टिहरी के सी ब्लॉक स्थित टाइप-3 सरकारी आवासीय परिसर में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने वहां रहने वाले तीन परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है।

उत्तर प्रदेश में गुरुवार को 69 शहरों में बारिश दर्ज की गई। बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में 10 लोगों की जान चली गई। बुलंदशहर में एक पुरानी मस्जिद की दीवार गिरने से एक ही परिवार के दो लोगों की मौत हो गई। जबकि, हरदोई में दो बहनें नदी के तेज बहाव में बह गई।

राजस्थान में भी बारिश ने नुकसान पहुंचाया। धौलपुर में एक मकान ढहने से छह लोग मलबे में दब गए। अजमेर के किशनगढ़ में कच्चा मकान गिरने से माता-पिता और उनका बच्चा मलबे में फंस गया। खराब मौसम के कारण राज्य में छह ट्रेनों को रद्द करना पड़ा। जबकि, कई अन्य ट्रेनें देरी से चल रही हैं।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में तेज बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव हो गया। कई स्थानों पर पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित रहा और लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिला।

केरल के वायनाड जिले में सुरंग निर्माण स्थल पर हुए भूस्खलन में मृतकों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है। शुक्रवार को मलबे से एक और शव बरामद किया गया। राहत एवं बचाव दल अब भी लापता लोगों की तलाश में अभियान चला रहे हैं। यह हादसा 7 जुलाई को वायनाड और कोझिकोड को जोड़ने वाली अनाक्कमपोयिल-मेप्पडी सुरंग परियोजना के निर्माण स्थल पर हुआ था।

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में लगातार हो रही भारी बारिश और भूस्खलन के बढ़ते खतरे को देखते हुए शुक्रवार को सभी सरकारी और निजी स्कूल, कॉलेज तथा आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने का निर्णय लिया गया है। मौसम विभाग ने जिले में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए लैंडस्लाइड, अचानक बाढ़, पेड़ गिरने और सड़कें बाधित होने की आशंका जताई है।