पंजाब और दिल्ली के सीएम में ट्विटर वॉर, अमरिंदर ने कहा आत्मा तक बेच सकते हैं केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल और अमरिंदर सिंह में ट्विटर पर जंग छिड़ी, दोनों एक दूसरे पर किसान विरोधी होने का आरोप लगा रहे हैं

Updated: Dec 15, 2020, 06:24 PM IST

पंजाब और दिल्ली के सीएम में ट्विटर वॉर, अमरिंदर ने कहा आत्मा तक बेच सकते हैं केजरीवाल
Photo Courtesy: DNA India

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार के कृषि कानूनों के विरुद्ध किसान आंदोलनरत हैं। तो वहीं इस आंदोलन में किसानों का समर्थन कर रहे विपक्षी दल आपस में ही भिड़ते नज़र आ रहे हैं। खुद को किसान हितैषी सिद्ध करने की होड़ के बीच पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ट्विटर पर आपस में भिड़ गए। केजरीवाल ने जहां अमरिंदर सिंह पर बीजेपी के साथ मिले होने का आरोप गया तो वहीं अमरिंदर सिंह ने कहा कि केजरीवाल राजनीति हितों के लिए अपनी आत्मा तक बेच सकते हैं। 

दरअसल सोमवार को किसानों के समर्थन में अरविंद केजरीवाल ने उपवास पर होने का दावा किया था। अमरिंदर सिंह ने कहा था कि अरविंद केजरीवाल सिर्फ नाटक कर रहे हैं। इस पर केजरीवाल ने अमरिंदर सिंह से कहा कि, ' मैं हमेशा से किसानों के साथ खड़ा हूं। दिल्ली के स्टेडियम को मैंने जेल नहीं बनने दिया। केन्द्र से लड़ा। मैं किसानों का सेवादार बनके उनकी सेवा कर रहा हूं।' केजरीवाल यहीं नहीं रुके उन्होंने आगे कहा कि, आपने तो अपने बेटे के ईडी केस को माफ करवाने के लिए केंद्र से सेटिंग तक कर ली। किसानों का आंदोलन बेच दिया। क्यों?

केजरीवाल के इन आरोपों के जवाब में अमरिंदर सिंह ने लिखा कि, जैसा कि हर पंजाबी जानता है। मैं ईडी या अन्य मामलों से डरने वाला नहीं हूं। अरविंद केजरीवाल आप ऐसे व्यक्ति हैं जो कि अपने राजनीतिक हितों को साधने के लिए अपनी आत्मा तक बेच डालेंगे। अगर आपको लगता है कि किसान आपके नाटक को नहीं समझ पाए हैं, तो आप ग़लत हैं। 

ये कानून आपने ही किसानों को दिया है : केजरीवाल 

अमरिंदर सिंह के जवाब के बाद अरविंद केजरीवाल बिफर उठे। केजरीवाल ने कहा कि आप इन बिलों को ड्राफ्ट करने वाली कमिटी का हिस्सा थे। यह बिल राष्ट्र को दिया गया आपका ही उपहार है। कैप्टन साहब, जिस तरह से बीजेपी अन्य नेताओं पर दोहरा मापदंड आपनाने का आरोप लगाती है वैसे ही आप पर बीजेपी के लोग दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप क्यों नहीं लगाते ?

केजरीवाल के इस आरोप के जवाब में अमरिंदर सिंह ने कहा कि इन कानूनों का ज़िक्र किसी भी मीटिंग में नहीं किया गया। आपके झूठ से सच्चाई नहीं बदल जाएगी। और बीजेपी के लोग मुझ पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप इसलिए नहीं लगाते हैं क्योंकि आपकी तरह मेरा बीजेपी के साथ कोई संबंध नहीं है। आप पर आरोप इसलिए लगाते हैं क्योंकि उन्हें आपके साथ की सांठगांठ को ढकना होगा।

इसके बाद केजरीवाल ने कहा कि यह रिकॉर्ड का हिस्सा है कि आप कानूनों का मसौदा तैयार करने वाली कमिटी का हिस्सा थे। आपके पास इन कानूनों को रोकने की शक्ति थी। देश को बताइए कि आपने इसके बावजूद केंद्र सरकार का साथ क्यों दिया ? 

खबर लिखे जाने तक अमरिंदर सिंह ने केजरीवाल के इस आरोप का जवाब नहीं दिया है। हालांकि यहां जान लेना जरूरी है कि केंद्र के कृषि कानूनों को बेअसर करने के लिए पंजाब ऐसा पहला राज्य था जिसने विधानसभा में केंद्र के कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया था।