रिलायंस के शेयरों में भूचाल, अचानक 5 फीसदी टूटा कंपनी का शेयर, निवेशकों के 1 लाख करोड़ रुपए स्वाहा

हाल में ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि रूसी तेल लेकर आ रहे तीन टैंकर जामनगर रिफाइनरी की तरफ बढ़ रहे हैं।

Updated: Jan 06, 2026, 05:55 PM IST

नई दिल्ली। देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के शेयरों में आज भारी गिरावट आई। कंपनी का शेयर बीएसई पर 5% से अधिक गिरावट के साथ 1497.05 रुपये तक लुढ़क गया। पिछले सत्र में यह 1,577.45 रुपये पर बंद हुआ था और आज 1,575.55 रुपये पर खुला। लेकिन बिकवाली का दबाव बना रहा और ट्रेडिंग वॉल्यूम में काफी बढ़ोतरी देखी गई।

सोमवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर प्राइस 52-हफ्ते के नए हाई 1,611.8 रुपये प्रति शेयर पर पहुंच गया, जब US मिलिट्री फोर्स ने वेनेजुएला पर हमला किया और उसके प्रेसिडेंट निकोलस मादुरो को किडनैप कर लिया। बाद में, US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला और उसके तेल बिजनेस पर कब्ज़ा करने के प्लान का ऐलान किया।

इस खबर ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर प्राइस पर असर डाला क्योंकि यह 2019 से पहले अपने डेली क्रूड टारगेट का 20% वेनेजुएला की सरकारी तेल कंपनी, PDVSA से लेती थी। जेफरीज ने कहा कि अगर US वेनेजुएला का क्रूड बेचना शुरू करता है, तो रिलायंस को एक बार फिर भारी डिस्काउंट पर ये सप्लाई मिल सकती है। इससे रिलायंस के ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन (GRMs) को सीधे मदद मिलेगी।

जेफरीज ने एक जरूरी बात बताई कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास कॉम्प्लेक्स क्रूड ऑयल (हैवी, सॉर और एसिडिक) को रिफाइन करने की एक खास क्षमता है, जिसे वेनेजुएला बनाता है। दुनिया भर में, बहुत कम रिफाइनरियां ऐसी हैं जो इतने कॉम्प्लेक्स तेल को प्रोसेस कर सकें। वेनेजुएला का क्रूड पहले से ही फायदेमंद कीमत पर ट्रेड होता है, जो अक्सर ब्रेंट के मुकाबले $5-8 प्रति बैरल डिस्काउंट पर होता है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने सोशल प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट में इस दावे को गलत बताया कि रूस से तीन जहाज कंपनी की जामनगर रिफाइनरी जा रहे हैं और यह “पूरी तरह से झूठ है”। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में बताया गया कि लगभग 2.2 मिलियन बैरल रूसी यूराल्स क्रूड ले जा रहे तीन तेल टैंकर रिलायंस इंडस्ट्रीज़ की जामनगर रिफ़ाइनरी जा रहे थे।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर की कीमत पिछले पांच ट्रेडिंग सेशन (06 जनवरी को छोड़कर) में 1.87% बढ़ी है। पिछले एक महीने में स्टॉक 2.3% बढ़ा है और पिछले छह महीनों में इसमें थोड़ा ही बदलाव हुआ है। पिछले 12 महीनों में रिलायंस इंडस्ट्रीज के स्टॉक की कीमत 23.44% बढ़ी है।

तेल से लेकर केमिकल बनाने वाली इस बड़ी कंपनी ने मौजूदा फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही में अपने कोर सेगमेंट में रिकवरी के साथ साल-दर-साल 9.6% का नेट प्रॉफिट बढ़ाया। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट Q2 FY26 में 18,165 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले इसी तिमाही में रिपोर्ट किए गए 16,563 करोड़ रुपये के नेट प्रॉफिट से ज़्यादा था।