गरीबों को बंधुआ मजदूर बनाने की साजिश, हमें मनरेगा के लिए एकजुट होना पड़ेगा: राहुल गांधी

राहुल गांधी ने कहा कि BJP चाहती है कि देश से लोकतंत्र, संविधान और 'एक व्यक्ति-एक वोट' का कॉन्सेप्ट खत्म हो जाए। ये लोग आजादी से पहले वाला हिंदुस्तान फिर से लाना चाहते हैं।

Updated: Jan 22, 2026, 07:05 PM IST

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मनरेगा को लेकर गुरुवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा) को खत्म करना गरीबों को ‘बंधुआ मजदूर’ बनाने की साजिश है। उन्होंने ने कहा कि 28 जनवरी से शुरू हो रहे संसद के बजट सत्र के दौरान उनका दल इस मुद्दे को उठाएगा। इस दौरान मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी माथे पर गमछा बांधे और हाथों में फावड़ा लिए मजदूर की वेशभूषा में नजर आए। 

लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कहा, 'BJP चाहती है कि देश से लोकतंत्र, संविधान और 'एक व्यक्ति-एक वोट' का कॉन्सेप्ट खत्म हो जाए। ये लोग आजादी से पहले वाला हिंदुस्तान फिर से लाना चाहते हैं। BJP वाले डरपोक लोग हैं, इन्हें रोकने के लिए हमें एक साथ खड़ा होना होगा। जिस दिन हम सभी साथ आ गए, उस दिन नरेंद्र मोदी को पीछे हटना पड़ेगा और मनरेगा फिर से बहाल हो जाएगा।।कुछ साल पहले BJP ने 'तीन काले कृषि कानून' लाकर किसानों पर आक्रमण किया था लेकिन किसानों और हम सबने नरेंद्र मोदी पर दबाव डाल कर उसे रोक दिया। अब उसी तरह का हमला मजदूरों पर करने की कोशिश हो रही है।'

राहुल गांधी ने कहा कि अब दिल्ली की केंद्र सरकार निर्णय लेगी कि किस राज्य को कितना पैसा भेजा जाएगा। BJP शासित राज्य में ज्यादा पैसा जाएगा और विपक्ष शासित राज्य में कम पैसा जाएगा। केंद्र सरकार ही तय करेगी कि कब कहां काम होगा, किसको कितनी मजदूरी मिलेगी। जो अधिकार मजदूरों को मिलते थे, अब वह ठेकेदारों को मिलेंगे।BJP की विचारधारा है कि देश का धन, संपत्ति चुने हुए हाथों में हो और वही लोग इस देश को चलाएं। BJP चाहती है कि देश का पूरा धन अमीरों के हाथ में चला जाए, ताकि गरीब, दलित और आदिवासी लोग उनपर निर्भर हो जाएं और उनकी बात मानें।

उन्होंने कहा कि मनरेगा ने गरीबों को अधिकार दिया था। इसके पीछे की सोच थी कि जिसे भी काम की जरूरत हो, वो सम्मान के साथ काम मांग सके। वहीं, मनरेगा को पंचायती राज के तहत चलाया जाता था।मनरेगा में लोगों की आवाज थी, उनका अधिकार था- जिसे नरेंद्र मोदी खत्म करने में लगे हैं। इससे पहले मोदी सरकार किसानों के खिलाफ काले कानून लेकर आई थी, जिसे किसानों ने रोक दिया। जो अन्याय किसानों के साथ किया गया था, वही अब मजदूरों के साथ किया जा रहा है। 

इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि मनरेगा बचाने की लड़ाई बहुत लंबी है। हम इस लड़ाई को एक जगह पर बैठकर या नारे लगाकर नहीं लड़ सकते। जब तक सरकार नए कानून को वापस नहीं लेगी और मनरेगा को फिर से बहाल नहीं करेगी, तब तक हम लड़ते रहेंगे। हमने महात्मा गांधी जी के नाम से मनरेगा शुरू किया था, लेकिन ये सरकार इसे तबाह करने पर तुली है। मनरेगा को ख़त्म कर सरकार ने ग्रामीण भारत के गरीबों, कमजोर तबकों पर हमला किया है, जिसका देशभर में विरोध हो रहा है। जल्द ही बजट सत्र शुरू होने वाला है, जिसमें हम मनरेगा के मुद्दे को उठाएंगे।