इस्तीफे के बाद फिर चर्चा में आए पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, पेंशन के लिए राजस्थान विधानसभा में किया आवेदन
जगदीप धनखड़ 1993 में अजमेर जिले की किशनगढ़ विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर विधायक चुने गए थे। इसी वजह से उन्होंने बतौर पूर्व विधायक पेंशन के लिए आवेदन किया है।

नई दिल्ली। इस्तीफे के करीब एक महीने से अधिक समय बाद पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने राजस्थान विधानसभा में पेंशन के लिए आवदेन किया है। विधानसभा सचिवालय ने उनके इस आवेदन को स्वीकार भी कर लिया है।
दरअसल, जगदीप धनखड़ साल 1993 में कांग्रेस के टिकट पर अजमेर जिले की किशनगढ़ सीट से विधायक भी रह चुके हैं। इस स्थिति में विधायक रहने के नाते उनको पेंशन का अधिकार प्राप्त है। बता दें कि विधायक के रूप में उनका कार्यकाल 1998 तक रहा।
राजस्थान में प्रत्येक पूर्व विधायक को 35,000 रुपये मासिक पेंशन मिलने का प्रावधान है। हालांकि, इसके अतिरिक्त आयु आधारित बढ़ोतरी का भी प्रावधान है। ऐसे में जो भी पूर्व विधायक 70 साल की उम्र को पार कर लेता है, उसको 20 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन मिलती है। वहीं, 80 साल की उम्र पूरा करने पर उसके पेंशन में 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाती है।
इस स्थिति में देखें तो जगदीप धनखड़ 74 साल के हैं। ऐसे में उनके पेंशन में 20 फीसदी बढ़ोतरी होगी। इसका अर्थ है कि उन्हें 35,000 रुपये की बजाय लगभग 42,000 रुपये प्रति माह पेंशन मिलेगी। बताया जा रहा है कि जैसे ही औपचारिकताएं पूरी होती हैं, जगदीप धनखड़ को पेंशन मिलनी शुरू हो जाएंगी।
जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई को उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दिया था। उन्होंने खराब स्वास्थ्य का हलावा देते हुए अचानक अपना पद छोड़ा था और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपना इस्तीफा सौंपा था। हालांकि, उनके इस्तीफे की टाइमिंग को लेकर काफी बवाल हुआ। चूंकि, उन्होंने संसद के मॉनसून सत्र के पहले ही दिन इस्तीफा दे दिया था। सदन के बीच इस्तीफे को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई गईं। इन अटकलों को बल इसलिए भी मिला क्योंकि इस्तीफे के बाद से धनखड़ किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में नहीं देखे गए हैं।