चीन के साथ पीएम की DDLJ नीति, चीनी अतिक्रमण पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार को घेरा

कांग्रेस ने कहा है कि चीन के मसले पर प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जानी चाहिए। साथ ही रक्षा संबंधी स्थायी संसदीय समिति को चीन के साथ टकराव की स्थिति पर एक ब्रीफिंग दी जानी चाहिए।

Updated: Jul 11, 2022, 04:40 PM IST

चीन के साथ पीएम की DDLJ नीति, चीनी अतिक्रमण पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार को घेरा

नई दिल्ली। चीनी अतिक्रमण पर केंद्र सरकार की चुप्पी को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस ने पूछा है कि पीएम मोदी की लाल आंखें और 56 इंच का सीना कहां है। कांग्रेस के संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा है कि चीन के साथ पीएम मोदी DDLJ की नीति अपना रहे हैं।

जयराम रमेश ने ट्वीट किया, 'चीन के साथ PM की DDLJ नीति! Deny - चीन ने हमारी भूमि पर कब्जा किया। PM ने इंकार किया। Distract - चीनी घुसपैठ पर रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट हटवाई। Lie - "न कोई हमारी सीमा में घुसा है...", सबसे बड़ा झूठ। Justify - प्रतिकार की जगह व्यापार को बढ़ावा दिया। PM चीन पर चुप्पी तोड़ो। उन्होंने  इसके साथ AICC मुख्याल पर गौरव गोगोई की प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो भी साझा किया है। 

प्रेस कान्फ्रेस के दौरान गौरव गोगोई कहते हैं कि, 'मोदी जी कहां गई आपकी लाल आंख? कहां गया आपका 56 इंच? आप चीन का नाम लेने से इतना डरते क्यों हो? ये आप कैसा संदेश दे रहे हैं कि रक्षा मंत्रालय एक चीज कहता है, विदेश मंत्रालय एक चीज कहता है और भारत के प्रधानमंत्री कुछ और कहते हैं जबकि वास्तविक स्थिति कुछ और ही है। ये क्या संदेश जा रहा है, हमारे भारत के सीमा सुरक्षा बल को, हमारे नागरिकों को कि भारत के प्रधानमंत्री अपनी छवि बचाने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा को गिरवी रख सकते हैं। ऐसा क्या विशेष लगाव है चीन के साथ?'

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गोगोई ने आगे कहा कि, 'मोदी जी ने चीन की सरकार के साथ 18 बार मुलाकात की है। उन्होंने ऐसा क्या रिश्ता बनाया कि जिससे चीन आज तक भी ये कबूल नहीं करता कि उनसे कोई गलती हुई है। चीन आज भी हमारी सीमा सुरक्षा को गंभीरता से नहीं लेता।' उन्होंने मांग की है कि चीन के मसले पर प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जानी चाहिए। संसद में दो दिवसीय चर्चा हो।

उन्होंने यह भी कहा कि रक्षा संबंधी स्थायी संसदीय समिति को चीन के साथ टकराव की स्थिति पर एक ब्रीफिंग दी जानी चाहिए। एक पूर्णकालिक चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की शीघ्र नियुक्ति हो। अग्निपथ योजना से एक बहुत गलत संदेश गया है। नाम, नमक और निशान की संस्कृति को इसने दुर्बल किया है। इसलिए अग्निपथ योजना को वापस लिया जाए।'