भोपाल में चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे दिग्विजय सिंह, राहुल-प्रियंका की हिरासत का विरोध
मंगलवार रात पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए।
भोपाल। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के विरोध में मध्य प्रदेश कांग्रेस ने भोपाल में प्रदर्शन शुरू कर किया है। मंगलवार रात पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए।
कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की हिरासत का विरोध किया। पार्टी कार्यकर्ता "ज्ञानेश तुम्हें जाना होगा" के नारे लगा रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि विपक्ष के नेताओं को चुनाव आयोग के सामने अपनी बात रखने से रोका जा रहा है। राहुल गांधी समेत विपक्षी सांसद चुनाव आयोग पहुंचकर चुनाव प्रक्रिया और वोटों से जुड़े अपने सवालों का जवाब मांग रहे थे, लेकिन उन्हें पहले ही रोक दिया गया। जब वे न्याय के लिए सत्याग्रह पर बैठे तो पुलिस उन्हें बलपूर्वक उठा ले गई।
इससे पहले दिल्ली पुलिस ने मंगलवार रात लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को हिरासत में ले लिया। पुलिस राहुल को हटाने आकाशवाणी परिसर पहुंची, तो कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया। इस दौरान पुलिस बलपूर्वक कांग्रेस नेताओं को खींचकर बस में ले गई।
SIR के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राहुल गांधी कांग्रेस सांसदों के साथ 8 घंटे से ज्यादा समय से आकाशवाणी भवन परिसर में धरने पर बैठे थे। उन्होंने कहा था कि वे CEC ज्ञानेश कुमार बिना मिले कहीं नहीं जाएंगे।
दरअसल, इंडिया ब्लॉक का ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’ सुबह 10 बजे संसद के मकर द्वार से शुरू हुआ, लेकिन पुलिस ने आगे बढ़ने नहीं दिया गया। पुलिस ने मार्च रोका और राहुल-प्रियंका को हिरासत में लेकर बस में बैठाया था, लेकिन दोनों उतरकर आकाशवाणी भवन परिसर में धरने पर बैठ गए।




