एक कचौड़ी दो समोसा, प्रिंसिपल का क्या भरोसा, सागर में 999 छात्राओं को सप्लीमेंट्री आने पर हंगामा

सागर स्थित शासकीय कन्या महाविद्यालय में बीए फर्स्ट ईयर के रिजल्ट पर बवाल मच गया है। 1316 में से 999 छात्राओं के सप्लीमेंट्री और 158 के फेल होने पर छात्राओं ने कॉलेज से लेकर कलेक्ट्रेट तक जमकर प्रदर्शन किया।

Updated: Oct 06, 2026, 02:05 PM IST

सागर। मध्य प्रदेश के सागर के उत्कृष्ट शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बीए प्रथम वर्ष के परीक्षा परिणाम को लेकर सोमवार को छात्राओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। कॉलेज की 1316 छात्राओं में से 999 के सप्लीमेंट्री आने और 158 के फेल होने से नाराज छात्राएं कॉलेज परिसर में जुट गई थी। उन्होंने प्राचार्य कक्ष के बाहर धरना देकर परीक्षा परिणाम की जांच और उत्तरपुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन कराने की मांग की। मामले की सूचना पर पुलिस भी कॉलेज पहुंची। बाद में छात्राओं ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।

छात्राओं का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में सप्लीमेंट्री और फेल होने का परिणाम सामान्य नहीं है। उन्होंने मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आशंका जताई कि उत्तरपुस्तिकाओं की जांच में कहीं न कहीं गड़बड़ी हुई है। छात्राओं ने मांग की है कि उनकी कॉपियों की दोबारा जांच कराकर संशोधित परिणाम जारी किया जाए और इसके लिए उनसे कोई अतिरिक्त शुल्क न लिया जाए।

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सोमवार को कॉलेज खुलने के बाद छात्राओं का समूह प्राचार्य कक्ष के बाहर जमा हो गया। छात्राएं नारेबाजी करते हुए परिणाम में सुधार की मांग कर रही थी। उनके साथ कुछ लोग भी पहुंचे थे जिन्हें छात्राएं अपना अभिभावक बता रही थी। मामले को शांत कराने के लिए प्राचार्य आनंद तिवारी और कॉलेज स्टाफ छात्राओं से बातचीत करने पहुंचे। इसी दौरान उनके साथ आए कुछ लोगों ने प्राचार्य को घेर लिया। स्थिति बिगड़ने पर झूमा झटकी की नौबत आ गई और प्राचार्य को सुरक्षा के लिए कैबिन में भेजना पड़ा। विवाद की जानकारी मिलने के बाद पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया।

कॉलेज में प्रदर्शन के बाद छात्राओं का एक बड़ा समूह कलेक्टर कार्यालय पहुंचा। यहां उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के सामने परीक्षा परिणाम को लेकर अपनी आपत्ति रखी। छात्राओं ने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर सप्लीमेंट्री आने से उनकी आगे की पढ़ाई प्रभावित होगी और उन्हें दोबारा परीक्षा देने की स्थिति का सामना करना पड़ेगा। छात्राओं ने अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, उत्तरपुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन कराने और मूल्यांकन में यदि कोई गलती सामने आए तो उसे ठीक कर सही परिणाम घोषित करने की मांग की। इस संबंध में उन्होंने ज्ञापन भी सौंपा।

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कॉलेज प्राचार्य आनंद तिवारी के अनुसार, छात्राओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए परीक्षा परिणाम की जांच के लिए एक कमेटी गठित कर दी गई है। कमेटी उपलब्ध रिकॉर्ड और परीक्षा परिणाम से जुड़े दस्तावेजों की जांच करेगी। जांच के बाद ही यह सामने आएगा कि इतनी बड़ी संख्या में छात्राओं के सप्लीमेंट्री और फेल होने की वजह क्या रही।

दूसरी ओर कॉलेज प्रबंधन ने प्रदर्शन के दौरान मौजूद कुछ लोगों के व्यवहार को लेकर आपत्ति जताई है। प्रबंधन का आरोप है कि इन लोगों ने नारेबाजी के साथ विवाद की स्थिति पैदा की। अब कॉलेज परिसर में लगे कैमरों की फुटेज के आधार पर संबंधित लोगों की पहचान की जा रही है। कॉलेज प्रबंधन वीडियो फुटेज लेकर गोपालगंज थाने पहुंचा है और संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। पुलिस मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।