गुरुग्राम से बच्चों का अपहरण करने वाली वाहन का एक्सीडेंट, तीन किडनैपर्स की हुई मौत

गुरुग्राम में ऑटो चालक और उसके दो बच्चों के अपहरण मामले का खुलासा हो गया है। पारिवारिक रंजिश और प्रेम संबंधों के विवाद में यह साजिश रची गई थी।

Updated: Apr 07, 2026, 08:35 PM IST

गुरुग्राम। हरियाणा के गुरुग्राम में ऑटो चालक और उसके दो मासूम बच्चों के अपहरण मामले का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया कि तीन और छह साल के दोनों बच्चों समेत चालक को अगवा कर उत्तर प्रदेश के बरेली ले जाया गया था। इस दौरान आरोपियों की कार एक खड़े टैंकर से टकरा गई। जिससे हुए भीषण हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई। मृतकों में मुख्य आरोपी भी शामिल है। जबकि, दोनों बच्चे घायल हो गए।

जांच में पता चला कि अपहरण की यह साजिश पारिवारिक रंजिश और अवैध संबंधों से जुड़ी थी। दरअसल, ऑटो चालक अपनी बहन और एक अन्य व्यक्ति के रिश्ते का विरोध करता था। इसी कड़ी में उसकी गोद ली बेटी का आरोपी मनमोहन के साथ प्रेम संबंध था। जिसे लेकर विवाद गहरा गया। इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने चालक को रास्ते से हटाने की योजना बनाई और उसे बच्चों समेत अगवा कर लिया।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों का बच्चों से कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं था। यही वजह थी कि वे बच्चों को वापस गुरुग्राम छोड़ने के लिए ला रहे थे। जबकि, चालक को बरेली में बंधक बनाकर रखा गया था। इसी दौरान रास्ते में उनकी कार हादसे का शिकार हो गई और पूरी साजिश सामने आ गई।

इस मामले की शुरुआत तब हुई जब चालक की पत्नी पूजा ने अपने पति और बच्चों के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। बरेली जिले के टांडा सिकंदरपुर गांव की रहने वाली पूजा ने पुलिस को बताया कि उसका पति मनोज 4 अप्रैल की शाम बच्चों मयूर (6) और लक्ष्य (3) के साथ एक सवारी छोड़ने हनुमान मंदिर गया था लेकिन वापस नहीं लौटा।

जब काफी देर तक कोई संपर्क नहीं हुआ तो पूजा खुद मंदिर पहुंची। वहां ऑटो तो खड़ा मिला लेकिन तीनों गायब थे। कई बार कॉल करने के बाद एक बार फोन उठाया गया और बताया गया कि मनोज को रॉन्ग साइड गाड़ी चलाने के कारण रोक लिया गया है। इसके साथ ही पुलिस को सूचना न देने की धमकी भी दी गई। जिसके बाद कॉल काट दिया गया।