उत्तर प्रदेश: रामपुर में शादी की रस्में रोककर जीत का सर्टीफिकेट लेने पहुंची दुल्हन, पंचायत चुनाव में मिली है जीत

यूपी के रामपुर की एक दुल्हन ने जीता पंचायत चुनाव, शादी की रस्में आधी छोड़कर लाल जोड़े में ही जीत का प्रमाण पत्र लेने पहुंची मतगणना स्थल, कहा आज मिली दोहरी खुशी

Updated: May 03, 2021, 02:56 PM IST

उत्तर प्रदेश: रामपुर में शादी की रस्में रोककर जीत का सर्टीफिकेट लेने पहुंची दुल्हन, पंचायत चुनाव में मिली है जीत
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रामपुर। दुल्हन बनी पूनम शर्मा की जिंदगी में 2 मई का दिन दोहरी खुशी लेकर आया। एक तो इस दिन उनकी शादी हुई। वहीं दूसरी तरफ वे पंचायत चुनाव में विजयी घोषित की गई है। जीत की खुशी इतनी की वे शादी छोड़कर जीत का सर्टीफिकेट लेने दुल्हन के लिबास में ही पहुंच गईं।

दरअसल रामपुर के मिलक ब्लॉक के मुहम्मदपुर जदीद गांव निवासी गंगासरन शर्मा की 23 वर्षीय बेटी पूनम शर्मा वॉर्ड नबंर 135 से बीडीसी के चुनाव में खड़ी थीं। पूनम की शादी 2 मई को शादी थी और इसी दिन उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की मतगणना भी थी। जिसमें पूनम विजयी घोषित की गई। गांव में शादी का मंडप सजा हुआ था।

 

बारात बरेली से आई थी। शादी की रस्में चल रही थीं, दुल्हन बनी पूनम शादी की रस्में पूरी करने के लिए मंडप में पहुंच गई थीं। तभी खबर आई तो पता चला कि वह पंचायत चुनाव में जीत गई हैं। फिर क्या था, उनकी दोहरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। पूनम ने शादी की रस्मों को बीच में ही रोककर मतगणना स्थल का रुख किया और अपनी जीत का सर्टीफिकेट लेकर ही लौटी उसके बाद शादी की बाकी रस्में निभाई गई।

 

काउंटिग स्थल पर पहुंची पूनम को जिसने भी देखा उसकी हिम्मत की दाद दी। लाल जोड़े और गहनों से लदी दुल्हन को देखकर हर कोई हैरान था। लेकिन जब मतगणना स्थल पर लोगों को यह पता चला कि दुल्हन बीडीसी सदस्य के लिए चुनाव में खड़ी हुई थी और जीत गई है। तब लोग उसे दोहरी बधाई देने लगे। एक तो शादी और दूसरी बीडीसी सदस्य के पद पर जीत की बधाई।

बीडीसी चुनी गई पूनम को पंचायत चुनाव में 601 वोट मिले हैं। पूनम ने अपनी प्रतिद्वंद्वी शंकुन्तला देवी को 31 वोट्स से मात दी है। पंचायत चुनाव में जीतने के बाद पूनम ने कहा कि आज का दिन उनकी जिंदगी का सबसे खूबसूरत दिन है, एक तरफ तो रिकूं से उनकी शादी हो रही है। दूसरी तरफ में बीडीसी मेंबर बनने की खुशी। पूनम का कहना है कि शादी की रस्में बीच में छोड़कर आना उनके लिए थोड़ा कठिन था, लेकिन दोनों परिवारों की सहमति से वे अपनी जीत की सर्टीफिकेट लेने आई हैं।

गांव में शादी समारोह चल रहा है, बारात दरवाजे पर है। वैसे तो पूनम दुल्हन बनकर अपने ससुराल बरेली रवाना हो गई हैं।

लेकिन शादी के दिन मायके में मिली जीत का तोहफा उन्हें ताउम्र याद रहेगा। पूनम का सपना अपने क्षेत्र की समस्याओं को दूर कर उसका विकास करना है।