छत्तीसगढ़ में 15 फरवरी से खुलेंगे स्कूल और कॉलेज, कैबिनेट की बैठक में फ़ैसले पर मुहर

छत्तीसगढ़ में 15 फरवरी से खुलेंगे 9वीं से12वीं तक के स्कूल और कॉलेज, गरीबों के लिए बनेंगे सस्ते मकान, गोधन न्याय योजना से होने वाले लाभ में महिलाओं और समितियों को हिस्सा देने का फ़ैसला

Updated: Feb 13, 2021, 06:38 PM IST

छत्तीसगढ़ में 15 फरवरी से खुलेंगे स्कूल और कॉलेज, कैबिनेट की बैठक में फ़ैसले पर मुहर
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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने आज कई अहम फैसले किए हैं। कैबिनेट की बैठक में किए गए इन फैसलों में स्कूल, कॉलेज खोलने का फैसला भी शामिल है। छत्तीसगढ़ में दो चरणों में स्कूल खोले जाएंगे। 15 फरवरी से स्कूल और कॉलेज खोले जाएंगे। फिलहाल कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को स्कूल बुलाया जाएगा और आगामी परीक्षा की तैयारी करवाई जाएगी।

कैबिनेट की बैठक में भिलाई के चंदूलाल चंद्राकर निजी मेडिकल कॉलेज को सरकारी बनाने और बस्तर फाइटर्स विशेष बल के गठन का फैसला भी किया गया है। इसके अलावा गोधन न्याय योजना के तहत बेचे गए कंपोस्ट में मुनाफे का 85 फीसदी हिस्सा कंपोस्ट तैयार करने वाली महिलाओं को और 15 फीसदी हिस्सा गोठान समितियों को देने का फैसला किया गया है। बैठक में राजीव नगर आवास योजना को भी मंजूरी दे दी है।

कैबिनेट ने साल 2021-2022 का विधानसभा में छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक, 2021 के प्रारूप का अनुमोदन, फरवरी-मार्च 2021 के लिए राज्यपाल के अभिभाषण का अनुमोदन सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए शक्कर का क्रय फरवरी 2021 से एक साल के लिए खुली निविदा के माध्यम से करने के फैसले पर मुहर लगाई है।

कैबिनेट के फैसलों के बारे में सरकार के प्रवक्ता और कृषि मंत्री रवींद्र चौबे ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बस्तर फाइटर्स विशेष बल में जिलों के कैडर के आधार पर भर्ती होगी। इसमें लोकल लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी। बस्तर फाइटर्स संभाग के सभी जिलों में नक्सलियों का सफाया करेगी।

वहीं आवासहीन लोगों के लिए राजीव नगर आवास योजना को मंजूरी दी गई है। इन मकानों की निर्माण हाउसिंग बोर्ड करेगा। इसके लिए सरकार एक रुपए प्रति वर्गफुट की दर पर जमीन देगी। प्रदेश के शहरों कस्बों में एक लाख मकाने बनाए जाएंगे। वहीं गोधन न्याय योजना से होने वाले फायदे का 85 प्रतिशत हिस्सा वर्मी कंपोस्ट तैयार करने वाली महिलाओं और 15 प्रतिशत हिस्सा गोबर प्रदान करने वाली गोठान समितियों को देने का फैसला लिया गया है। प्रदेश में सरकार 10 रुपए किलो के हिसाब से वर्मी कम्पोस्ट बेचती है।