फिनलैंड की प्रधानमंत्री पर लगा हर महीने 26,479.89 रुपए का नाश्ता करने का आरोप, पुलिस कर रही मामले की जांच

फिनलैंड की प्रधानमंत्री सना मरीन पर टैक्स पेयर्स के पैसे का दुरुपयोग करने का लगा आरोप, अपने सरकारी आवास में परिवार के साथ नाश्ते पर हर महीने कर रही 300 यूरो खर्च, पुलिस ने शुरु की जांच

Updated: May 29, 2021, 05:43 PM IST

फिनलैंड की प्रधानमंत्री पर लगा हर महीने 26,479.89 रुपए का नाश्ता करने का आरोप, पुलिस कर रही मामले की जांच
Photo courtesy: Wikimedia Commons

दुनिया में सबसे कम उम्र की प्रधानमंत्री बनकर सुर्खियां बटोरने वाली फिनलैंड की प्रधानमंत्री सना मरीन एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार उनका नाश्ता खबरों में है। और हो भी क्यों ना एक दिन के नाश्ते पर रोजाना 300 यूरो याने 365 डालर खर्च हो रहे हैं। भारतीय करंसी में इसकी कीमत 26,479.89 रुपए है। फिनलैंड की प्रधानमंत्री पर जनता से वसूले गए टैक्स के दुरुपयोग का आरोप लगने लगा है।

अब मामला स्थानीय पुलिस तक पहुंच गया। पुलिस मामले की जांच की बात कह रही है। प्रधानमंत्री सना मरीन पर विपक्ष ने आरोप लगाया है कि वे टैक्सपेयर्स के पैसे का दुरुपयोग कर अपने सरकारी आवास में फैमिली के साथ नाश्ते पर पर बहुत पैसे खर्च कर रही हैं। स्थानीय टैब्लॉइड इलतलेहती में छपी रिपोर्ट के अनुसार फिनलैंड की पीएम सना मरीन पर आरोप लगा है कि उन्होंने अपने ऑफिशियल रेसिडेंस केसरंता में फैमिली के साथ नाश्ते में हर महीने करीब 300 यूरो का खर्चा किया।

अपने उपर लगे आरोपों के बारे में पीएम सना मरीन ने सफाई दी है कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है, उनसे पहले भी प्रधानमंत्रियों को इसका लाभ मिलता रहा है। सना मरीन ने ट्वीट करके कहा है कि, "प्रधानमंत्री के तौर पर मैंने यह लाभ नहीं मांगा है और न ही इस पर निर्णय लेने में शामिल रही हूं।" वहीं इस बारे में फिनलैंड के लीगल एक्सपर्ट्स का कहना है कि प्रधानमंत्री नाश्ते के लिए टैक्सपेयर्स के रुपयों का उपयोग करना वास्तव में फिनिश कानून का उल्लंघन हो सकता है।

अब फिनलैंड की पुलिस ने शुक्रवार को इस मुद्दे पर जांच करने की घोषणा कर दी है। पुलिस के आधिकारिक बयान में कहा गया है कि "प्रधानमंत्री ने नाश्ते पर खर्च किए पैसे सरकार से लिए हैं। हालांकि कानून इसकी इजाजत नहीं देता है।''

पुलिस का कहना है कि जासूसी अधीक्षक तेमू जोकिनन ने कहा कि जांच प्रधानमंत्री कार्यालय के अंदर अधिकारियों के फैसलों पर केंद्रित होगी। "किसी भी तरह से प्रधानमंत्री या उनकी आधिकारिक गतिविधियों से यह संबंधित नहीं है। सना मरीन ने शुक्रवार को ट्विटर पर कहा कि वह जांच का स्वागत करती हैं और इस पर विचार किए जाने तक लाभ का दावा करना बंद कर देंगी।

सना मरीन 35 वर्ष की हैं, वे फिनलैंड की सबसे कम उम्र की प्रधानमंत्री तो हैं ही, वे सदन की सबसे कम उम्र की मेंबर भी हैं। साल 2019 में पोस्टील स्ट्रारइक की वजह से फिनलैंड के तत्कालीन प्रधानमंत्री एंटी रिने ने पद से त्याग पत्र दिया था, तब सना मरीन 10 दिसंबर 2019 को पीएम बनी थीं। सना मरीन बीबीसी और फोर्ब्स मैग्जीेन में दुनिया की प्रभावशाली महिलाओं की लिस्ट में जगह पा चुकी हैं। वे यंग ग्लोबल लीडर ऑफ द वर्ल्डप इकनॉमिक फोरम भी बनीं थी। वहीं उन्हें टाइम मैग्जीफन के कवर पर भी जगह मिल चुकी है।