बंगाल-असम में भाजपा की एकतरफा जीत, MP में पार्टी कार्यकर्ताओं ने झालमुड़ी बांटकर मनाया जश्न
पांच राज्यों के चुनावी रुझानों में पश्चिम बंगाल में BJP 204 सीटों पर आगे है। जिससे 15 साल का TMC शासन खत्म होता दिख रहा है। इस ऐतिहासिक बढ़त पर मध्य प्रदेश में भाजपा कार्यकर्ताओं ने मिठाइयों की जगह झालमुड़ी बांटकर और पटाखे फोड़कर जश्न मनाया।
पांच राज्यों में जारी मतगणना के बीच मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जीत की खुशी अनोखे अंदाज में मनाई। पार्टी कार्यालयों में पारंपरिक मिठाइयों की जगह कार्यकर्ताओं को झालमुड़ी बांटी गई और ढोल नगाड़ों की गूंज के साथ जश्न मनाया गया। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन सहित कई शहरों में कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर नाचते-गाते नजर आए और पटाखे फोड़कर खुशी जताई।
यह उत्साह पांच राज्यों पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी की 824 विधानसभा सीटों पर जारी मतगणना के रुझानों के बाद देखने को मिल रहा है। शुरुआती संकेतों में पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु से बड़े बदलाव की तस्वीर उभर रही है। तमिलनाडु में अभिनेता विजय की दो साल पुरानी पार्टी TVK ने चौंकाते हुए बढ़त बनाई है।
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पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच यह उत्साह खासकर पश्चिम बंगाल के रुझानों की वजह से है। ऐसा इसलिए क्योंकि शुरुआती रुझानों में भाजपा 204 सीटों से आगे चल रही है। रुझानों की माने तो पश्चिम बंगाल में 15 साल के तृणमूल कांग्रेस (TMC) शासन के बाद भाजपा (BJP) पहली बार सरकार बनाने की स्थिति में दिखाई दे रही है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने इस मौके पर कहा कि कांग्रेस अब देश के नक्शे से लगभग खत्म हो चुकी है। उन्होंने बताया कि झालमुड़ी उनके लिए नई चीज नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि उनका पारिवारिक संबंध कोलकाता से है। पार्टी कार्यालयों में जश्न के लिए पहले से ही तैयारियां की गई थी और पटाखों का इंतजाम भी किया गया था।
इंदौर में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी जश्न के दौरान भावुक हो गए। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह जीत केवल चुनावी आंकड़ा नहीं बल्कि दमनकारी शासन के खिलाफ संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने बताया कि उन्हें और उनके कार्यकर्ताओं को कई बार निशाना बनाया गया लेकिन अब यह जीत उसी संघर्ष का फल है।
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केरल में भी करीब 10 साल बाद सत्ता परिवर्तन के संकेत मिल रहे हैं। वहां कांग्रेस, मुस्लिम लीग और केरल कांग्रेस के गठबंधन UDF की वापसी होती दिखाई दे रही है। कांग्रेस कई सीटों पर आगे है और कुछ सीटों पर जीत भी दर्ज कर चुकी है।
इन चुनावों में कुल 824 सीटों पर मतदान हुआ था। जिसमें पश्चिम बंगाल की 294, तमिलनाडु की 234, केरल की 140, असम की 126 और पुडुचेरी की 30 सीटें शामिल हैं। पांचों राज्यों में भाजपा, कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिला है। पश्चिम बंगाल में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस आमने-सामने हैं। तमिलनाडु में DMK गठबंधन और AIADMK-बीजेपी के बीच टक्कर है। केरल में LDF बनाम UDF, असम में भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला है। जबकि, पुडुचेरी में बहुकोणीय चुनावी संघर्ष देखने को मिल रहा है।
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भाजपा ने इन राज्यों में अपने सहयोगियों के साथ मिलकर व्यापक स्तर पर चुनाव लड़ा और संगठन विस्तार पर जोर दिया। वहीं, कांग्रेस ने भी गठबंधन के जरिए अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश की। मध्य प्रदेश से भी भाजपा के कई वरिष्ठ नेता पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में प्रचार के लिए गए थे। जिनकी भूमिका अब रुझानों में साफ दिखाई दे रही है।




