जी भाईसाहब जी: मंत्री ने धमकाया और आईएएस अफसरों का सरेंडर
अब उत्सुकता है कि अपने नेता केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की हर बात का बढ़ चढ़ कर पालन करने वाले सिंधिया समर्थक मंत्री और बीजेपी नेता भी एसी का त्याग कर प्याज का साथ कब अपनाएंगे। हालांकि सिंधिया समर्थक बिजली मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बीती गर्मी में एसी छोड़ कर एक महीना पंखे में रहने और बिना प्रेस के कपड़े पहनने जैसी घोषणा कर चुके हैं।
क्या एमपी की ब्यूरोक्रेसी असहाय और राजनीति की पिछलग्गू हो गई है कि अपने एक युवा अफसर को अकेले छोड़ दिया है? यह सवाल पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह और जबलपुर स्मार्ट सिटी के सीईओ आईएएस अरविंद सिंह के विवाद में आईएएस एसोसिएशन की भूमिका से उठा है। मंत्री राकेश सिंह पर आईएएस अरविंद सिंह के साथ अभद्र व्यवहार करने और धमकाने का आरोप है। मंत्री राकेश सिंह पर आरोप है कि उन्होंने आईएएस अरविंद सिंह को बंगले पर बुलाया और करीब एक घंटे तक रोके रखा। इस दौरान उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया।
इस घटनाक्रम से आहत 2021 बैच के आईएएस अरविंद शाह ने पूरे मामले की जानकारी आईएएस एसोसिएशन को दी। इसके बाद एसोसिएशन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। इस दौरान मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि आईएएस अरविंद शाह ने एक महिला कर्मचारी के साथ अभद्र व्यवहार किया और मंत्री को भी गाली दी। महिला कर्मचारी की शिकायत पर मंत्री राकेश सिंह ने आईएएस अरविंद शाह को बुलाया था।
अंदर की ख़बर है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिकायत ले कर गए अफसरों को यह कह कर लौटा दिया कि नए अफसर को विवाद से बच कर काम पर ध्यान देना चाहिए। इसके बाद आईएएस एसोसिएशन सरेंडर की मुद्रा में आ गया। उसके मुताबिक यह मामला गलतफहमी का था, जिसे बातचीत के जरिए सुलझा लिया गया है। वहीं, अरविंद शाह ने कहा कि उन्होंने अपना पक्ष एसोसिएशन के समक्ष रख दिया है। फिलहाल वह इस मामले में सार्वजनिक तौर पर ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहते। मगर विवाद टला नहीं है। उस महिला कर्मचारी का हलफनामा वायरल हो गया है जिसे आईएएस अरविंद शाह ने फटकारा था। हलफनामा में वह कह रही है कि आईएएस अफसर अरविंद शाह ने पहले उसके लिए फिर मंत्री के लिए अपशब्द कहे।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद आईएएस एसोसिएशन चुप बैठ गया है मगर मंत्री की ओर से मामला शांत नहीं हुआ है। वे भले चुप हैं मगर मोर्चा खुला हुआ है। जाहिर है आईएएस अरविंद शाह की मुश्किलें अभी कम होती नहीं दिखाई दे रही हैं। इस मामले पर आईएएस को तो हिदायत मिल गई मगर मंत्री और बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष राकेश सिंह को उनके व्यवहार पर पार्टी ने कुछ नहीं कहा है।
फंसा तो मंत्री ने कहा, ये मेरा भाई नहीं
मध्य प्रदेश में बीजेपी नेताओं और उनके रिश्तेदारों द्वारा अफसरों को धमकाने के मामले आम हो गए हैं। ताजा मामला अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान से जुड़ा है। मंत्री के भाई इंदर सिंह चौहान ने 22 अप्रैल को जिला मुख्यालय पर जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रिया काग को कथित रूप से धमकी दी थी। कांग की शिकायत के अनुसार जब उन्होंने मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत अयोग्य आवेदनों को खारिज कर दिया तब मंत्री के भाई ने उनसे कहा कि 'मैं तुम्हारे दांत तोड़ दूंगा और तुम्हें जिंदा गाड़ दूंगा।' जिन आवेदनों को खारिज किया गया, उनमें पहले से विवाहित जोड़ों को योजना में शामिल करने की मांग की गई थी। घटना के दो दिन बाद इंदर सिंह चौहान को गिरफ्तार किया गया और जमानत पर छोड़ दिया गया। जब आरोप लगा कि सत्ता में बैठे लोग अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं तो मंत्री नागर सिंह चौहान ने भाई से दूरी बनाते हुए कहा कि हम अलग रहते हैं और हमारा कोई संपर्क नहीं है। वह अपने कृत्यों के लिए स्वयं जिम्मेदार है। विवाद के बाद अपनों से दूरी बना लेने का यह पहला मामला नहीं है। इसके पहले मंत्री प्रतिमा बागरी भी गिरफ्तार होने के बाद अपने रिश्तेदारों से संपर्क नकार चुकी है। बीजेपी नेताओं से रिश्तेदारी के कारण दबंगई दिखा रहे लोग जब खबरों में आ जाते हैं तो नेता उनसे दूरी बताने में ही भलाई समझते हैं। विवाद ठंडा होने के बाद क्या होता है, किसे खबर।
ज्योतिरादित्य सिंधिया को फॉलो करेंगे समर्थक मंत्री
बढ़ती गर्मी के बीच केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का एक बयान दूनी तेजी से फैल रहा है।शिवपुरी में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंच पर जब अपनी जेब से प्याज निकालकर गर्मी से बचाव का देसी नुस्खा साझा किया था। उन्होंने कहा कि आज के दौर में लोग मोबाइल फोन लेकर घूमते हैं, लेकिन संचार मंत्री प्याज साथ रखता है। उन्होंने कहा कि मैं अपनी कार में एसी नहीं चलाता, बस जेब में एक प्याज रख लेता हूं। यह पारंपरिक तरीका लू से बचाने में मदद करता है। “जेब में प्याज रखो, 50 डिग्री की गर्मी में भी राहत मिलेगी।” कहने पर खूब मजे लिए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर कई मीम वायरल हो चुके हैं।
अब उत्सुकता है कि अपने नेता केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की हर बात का बढ़ चढ़ कर पालन करने वाले सिंधिया समर्थक मंत्री और बीजेपी नेता भी एसी का त्याग कर प्याज का साथ कब अपनाएंगे। हालांकि सिंधिया समर्थक बिजली मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बीती गर्मी में एसी छोड़ कर एक महीना पंखे में रहने और बिना प्रेस के कपड़े पहनने जैसी घोषणा कर चुके हैं। लेकिन फिर घर की शादी में फिजूलखर्ची पर चर्चा में रह चुके हैं।
इंदौर में मोहन राज या भाई का ताज
निगम मंडल में नियुक्तियां शुरू हो गई है। इसके साथ ही विवाद भी सतह पर आ रहे हैं। किसी के पुराने मामले उछाले जा रहे हैं तो किसी की रिश्तेदारी खोजी जा रही है। इंदौर और भोपाल विकास प्राधिकरण का फैसला बीजेपी की पावर पॉलिटिक्स के कारण अटका हुआ है। इंदौर में निर्णय नहीं हो पा रहा है कि आईडीए यानी इंदौर विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष सीएम मोहन यादव की पसंद का होगा या स्थानीय कद्दावर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का समर्थक। सीएम मोहन यादव इंदौर के प्रभारी मंत्री हैं और उन्होंने इंदौर में बीजेपी की स्थानीय राजनीति के समीकरण बदल दिए हैं। इस कारण माना जा रहा है कि कैलाश विजयवर्गीय अपने घर में लगातार कमजोर हो रहे हैं। इसी कारण आईडीए अध्यक्ष पद पर सभी की नजर लगी है। मंगलवार को सीएम हाउस में हुई बैठक को भी इन्हीं नए संदर्भों से जोड़ कर देखा जा रहा है। बैठक में सीएम मोहन यादव, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के साथ चुनिंदा नेता शामिल हुए थे। अंदाजा है कि आईडीए अध्यक्ष सीएम की पसंद का बने और दो उपाध्यक्ष बना कर स्थानीय पावर पॉलिटिक्स का संतुलन साध लिया जाए।




