हिंदू मठ-मंदिरों की भूमि नीलामी का आदेश वापस ले सरकार, दिग्विजय सिंह ने CM मोहन यादव को लिखा पत्र
दिग्विजय सिंह ने कहा कि जो सरकार खुद को सनातनी बताती है वहीं सनातन परंपराओं पर हमला कर रही है। CM उस शहर के हैं जहां प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग है लेकिन उनके रहते पुजारियों के साथ कुठाराघात हो रहा है।
भोपाल। मध्य प्रदेश में मठ-मंदिरों की भूमि नीलामी से जुड़े आदेश के खिलाफ विरोध तेज हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर यह आदेश तत्काल वापस लेने की मांग की है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि जो सरकार खुद को सनातनी बताती है, वही सनातन परंपराओं पर हमला कर रही है। मुख्यमंत्री उस शहर से आते हैं जहां प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग है, लेकिन उनके कार्यकाल में पुजारियों के साथ कुठाराघात हो रहा है।
गुरुवार को मीडिया से बातचीत में सिंह ने कहा कि मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार पुस्तैनी पुजारियों के साथ दुर्व्यवहार कर रही है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार के दौरान पुजारियों की तनख्वाह बढ़ाई गई थी। लेकिन धर्म का ठेका लेने वाले लोग आज धर्मविरोधी फैसले कर रहे हैं।” सिंह ने बताया कि हाल ही में उनकी उज्जैन के पुजारियों से बातचीत हुई, जिन्होंने कहा कि मंदिरों में करोड़ों रुपये का चंदा आता है, लेकिन उसका उपयोग मंदिरों के रख-रखाव और पुजारियों के कल्याण में नहीं हो रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 22 अप्रैल 2023 को आदेश जारी किया था कि जिन मंदिरों के पास 10 एकड़ से अधिक भूमि है, उसे नीलाम किया जाएगा और उससे प्राप्त राशि सरकारी खाते में जमा कराई जाएगी। इसी आदेश के तहत गुना जिले के आरोन स्थित रामजानकी मंदिर के पुजारी प्रद्युम्नदास को नोटिस दिया गया है।
पुजारी उत्थान कल्याण समिति के अध्यक्ष मंगल भारती के हवाले से सिंह ने कहा कि इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय स्पष्ट आदेश दे चुका है कि मंदिरों की भूमि देवता के नाम दर्ज होती है और उसे न तो नीलाम किया जा सकता है, न ही लीज पर दिया जा सकता है और न ही कलेक्टर के नाम स्थानांतरित किया जा सकता है। इसके बावजूद नीलामी प्रक्रिया शुरू करना न्यायालय की अवहेलना है।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि प्रदेश में करीब 50 हजार पुजारी हैं, लेकिन आज उनके बच्चे शिक्षा से वंचित हैं और मंदिरों की समुचित देखरेख नहीं हो पा रही है। “मंदिरों की भूमि नीलामी का फैसला पूरी तरह असंवैधानिक, अवैध और सनातन परंपराओं का अपमान है। ये जमीन पुजारियों की नहीं बल्कि देवी-देवताओं की है।”
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— Humsamvet (@humsamvet) December 25, 2025
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव पहले भी कुंभ के नाम पर जमीन लेकर कॉलोनी कटवाना चाहते थे, लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ऐसा नहीं होने दिया। इस बार भी लैंड पूलिंग की प्रक्रिया शुरू की गई, जिसे बाद में वापस लेना पड़ा।
सिंह ने कहा कि भाजपा नेता उन्हें कभी मुसलमान तो कभी ईसाई बताते हैं, लेकिन ऐसे आरोप वही लोग लगाते हैं जो जमीनों का धंधा करते हैं। उन्होंने कहा कि धर्म राजनीति का उपकरण नहीं है और वे इस मुद्दे पर पूरी तरह पुजारी समाज के साथ खड़े हैं। सिंह ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने यह आदेश वापस नहीं लिया, तो उन्हें पुजारियों के साथ सड़क पर उतरना पड़ेगा।




