रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर, डॉलर के मुकाबले 96.14 के रिकॉर्ड लो पर पहुंचा
भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96 के निचले स्तर पर पहुंच गया है। वैश्विक बाजार में डॉलर की मजबूती और विदेशी निवेश की निकासी ने घरेलू करेंसी पर दबाव बनाया है।
नई दिल्ली। पक्षिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारतीय रुपये की सेहत बिगड़ती जा रही है। भारतीय रुपया आज यानी 15 मई को डॉलर के मुकाबले 50 पैसे गिरकर रिकॉर्ड निचले स्तर 96.14 तक पहुंच गया। इससे पहले गुरुवार को रुपया 95.64 के ऑल टाइम लो पर पहुंचा था। पिछले कुछ दिनों से रुपए में लगातार गिरावट जारी है।
शुक्रवार को बाजार खुलते ही साफ हो गया था कि रुपया कमजोर होने वाला है। शुरुआत में रुपया 95.80 पर था, लेकिन थोड़ी ही देर में इतना दबाव आ गया कि यह 96 के पार चला गया। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका के फेडरल रिजर्व ब्याज दरें ऊंची रख रहा है और दुनिया में चल रहे तनाव के चलते लोग अपना पैसा सुरक्षित जगह पर लगाना चाहते हैं। इसलिए वो डॉलर खरीद रहे हैं। इसी वजह से रुपया जैसी दूसरी करेंसी कमजोर हो रही हैं और उनकी कीमत गिर रही है।
दुनिया भर में डॉलर की मांग बढ़ रही है, इसलिए उसकी कीमत ज्यादा है। जब डॉलर महंगा होता है, तो बाकी देशों की करेंसी कमजोर हो जाती है। पिछले कुछ हफ्तों में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से काफी पैसा निकाला है। जब वो शेयर बेचकर रुपये को डॉलर में बदलते हैं, तो बाजार में रुपये की मांग घट जाती है और डॉलर महंगा हो जाता है। भारत ज्यादातर तेल बाहर से खरीदता है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होता है, तो ज्यादा डॉलर खर्च करना पड़ता है। इससे रुपये पर दबाव पड़ता है और उसकी कीमत गिरती है।




