राज्सथान के HPCL रिफाइनरी में भीषण आग, PM मोदी कल करने वाले थे उद्घाटन
राजस्थान के बालोतरा स्थित पचपदरा रिफाइनरी में सोमवार को क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट के पास भीषण आग लग गई। जिसके चलते पीएम मोदी का उद्घाटन कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है।
बालोतरा। राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा स्थित देश की पहली ग्रीनफील्ड इंटीग्रेटेड रिफाइनरी कम पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स में सोमवार को भीषण आग लग गई। इस रिफाइनरी का आगामी 21 अप्रैल को उद्घाटन करने वाले थे। हालांकि, अब पीएम मोदी का प्रस्तावित उद्घाटन कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है। आग क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट के पास लगी थी। जिसके बाद रिफाइनरी परिसर में आपात स्थिति पैदा हो गई थी। हालांकि, राहत की बात यह रही कि आग पर समय रहते काबू पा लिया गया। हादसे में किसी भी तरह की जनहानि की सूचना नहीं मिली है। घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। जबकि, उद्घाटन की नई तारीख जल्द घोषित किए जाने की बात कही गई है।
घटना ऐसे समय हुई जब प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर रिफाइनरी में अंतिम चरण की तैयारियां चल रही थी। पूरे परिसर में सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी निगरानी थी। दोपहर में अचानक एक यूनिट से धुआं और आग की लपटें उठने लगी थी। रिफाइनरी का इन हाउस फायर सेफ्टी सिस्टम तत्काल सक्रिय किया गया और दमकल वाहनों व हाइड्रेंट सिस्टम की मदद से आग को अन्य यूनिट्स तक फैलने से रोका गया। काले धुएं का गुबार कई किलोमीटर दूर तक दिखाई दिया था।
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घटना की सूचना मिलते ही रिफाइनरी प्रबंधन, जिला प्रशासन और तकनीकी टीमें मौके पर पहुंचीं और डैमेज कंट्रोल ऑपरेशन शुरू किया गया। प्रारंभिक स्तर पर इसे तकनीकी गड़बड़ी या स्पार्किंग से जुड़ा मामला माना जा रहा है। हालांकि, वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। अधिकारियों ने मशीनरी को संभावित नुकसान की आशंका जताई है लेकिन फिलहाल प्राथमिकता सुरक्षा, तकनीकी आकलन और संचालन संबंधी सुधारों पर केंद्रित है।
इस आगजनी के बाद प्रधानमंत्री मोदी के प्रस्तावित लोकार्पण कार्यक्रम को टालने का फैसला लिया गया। बताया गया है कि जांच पूरी होने और जरूरी सुधारात्मक उपाय लागू होने के बाद ही उद्घाटन की नई तारीख तय की जाएगी। घटना ने रिफाइनरी जैसे संवेदनशील औद्योगिक परिसर में सुरक्षा प्रोटोकॉल और तकनीकी तैयारियों को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर तब जब कार्यक्रम से ठीक पहले एसपीजी और राज्य पुलिस की निगरानी में पूरा क्षेत्र हाई सिक्योरिटी जोन में तब्दील किया गया था।
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पचपदरा रिफाइनरी को राजस्थान ही नहीं बल्कि देश के ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना माना जाता है। इसकी आधारशिला 22 सितंबर 2013 को रखी गई थी। बाद में परियोजना को संशोधित लागत के साथ 16 जनवरी 2018 को फिर गति दी गई थी। शुरुआती 37,230 करोड़ रुपये की लागत बढ़कर 43,129 करोड़ रुपये तक पहुंची।
यह रिफाइनरी केवल ईंधन उत्पादन तक सीमित नहीं है बल्कि इससे बड़े पैमाने पर पेट्रोकेमिकल उत्पादन और डाउनस्ट्रीम उद्योगों के विकास की भी उम्मीद जुड़ी है। यहां पॉलीप्रोपाइलीन, पॉलीइथाइलीन, बेंजीन, टोल्यूनि और ब्यूटाडाइन जैसे उत्पादों पर आधारित उद्योग विकसित होने की संभावना है। जिसकी वजह से प्लास्टिक, ऑटोमोबाइल, पैकेजिंग, सिंथेटिक फाइबर, कृषि पाइप और रसायन आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिल सकता है।
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