मध्य प्रदेश की सहकारी दुग्ध संघ ने बढ़ाए दाम, सांची दूध भी 2 रुपए महंगा हुआ

अमूल और मदर डेयरी के बाद अब मध्य प्रदेश में सांची दूध भी महंगा हो गया है। सांची प्रबंधन ने 15 मई से दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है।

Updated: May 14, 2026, 05:56 PM IST

लगातार बढ़ती महंगाई के बीच मध्य प्रदेश के लोगों को एक और बड़ा झटका लगा है। देशभर में अमूल और मदर डेयरी द्वारा दूध की कीमतें बढ़ाने के बाद अब मध्य प्रदेश के प्रमुख सहकारी दुग्ध ब्रांड सांची ने भी अपने दूध के दाम बढ़ाने का ऐलान कर दिया है। सांची की नई दरें 15 मई से लागू होंगी। कंपनी ने दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की है। जिसकी वजह से अब उपभोक्ताओं को हर पैकेट पर ज्यादा रकम चुकानी पड़ेगी।

नई कीमतों के मुताबिक, सांची का आधा लीटर दूध पैकेट अब तक 34 से 35 रुपये के बीच बिक रहा था। लेकिन अब यह पैकेट 35 से 36 रुपये में मिलेगा। वहीं, 68 से 70 रुपये लीटर मिलने वाला दूध का पैकेट अब 70 से 72 रुपये में मिलेगी। डेयरी प्रबंधन का कहना है कि पशु आहार, उत्पादन, पैकेजिंग और परिवहन लागत में लगातार बढ़ोतरी होने के कारण कीमतों में बदलाव करना जरूरी हो गया था।

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सांची के इस फैसले से पहले अमूल और मदर डेयरी भी दूध के दाम बढ़ा चुकी हैं। अमूल ने अपने विभिन्न दूध उत्पादों की कीमतों में 1 से 3 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि की है। कंपनी के अनुसार, पशुओं के चारे, ईंधन और पैकेजिंग सामग्री की लागत बढ़ने से उत्पादन महंगा हो गया है। गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन ने बयान जारी कर कहा कि किसानों को उचित भुगतान और डेयरी संचालन पर बढ़ते आर्थिक दबाव को संतुलित करने के लिए यह कदम उठाना पड़ा।

वहीं, मदर डेयरी ने भी अपने दूध के दाम में 2 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की है। कंपनी ने कहा कि दूध खरीद लागत और ट्रांसपोर्टेशन खर्च में लगातार इजाफा होने से कीमतें बढ़ानी पड़ी। अमूल और मदर डेयरी की नई दरें आज यानी 14 मई से प्रभावी हो चुकी हैं।

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दूध की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का सीधा असर आम लोगों के घरेलू बजट पर पड़ने वाला है। दूध हर घर की रोजमर्रा की जरूरत है और इसका इस्तेमाल चाय, कॉफी, बच्चों के पोषण और कई खाद्य पदार्थों में होता है। ऐसे में कीमत बढ़ने से मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों का मासिक खर्च बढ़ना तय माना जा रहा है। खासकर उन घरों पर इसका ज्यादा असर पड़ेगा जहां रोजाना अधिक मात्रा में दूध की खपत होती है।