माफी मांगने की जगह अब धमकी दे रहा अमेरिका, मार्को रुबियो के बयान पर राहुल गांधी ने केंद्र को घेरा
ओमान तट के पास अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की मौत को लेकर राहुल गांधी ने अमेरिका पर संवेदना या माफी व्यक्त करने की बजाय भारत को निर्देश देने की भाषा अपनाने का आरोप लगाया है।
नई दिल्ली। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट लिखकर अमेरिका के रवैये पर सवाल उठाए और कहा कि इस घटना के बाद भी अमेरिका ने न तो अफसोस जताया और न ही माफी मांगी, बल्कि वह आदेश देने की भाषा का इस्तेमाल करता रहा।
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की हत्या के कुछ ही दिन बाद अमेरिका की ओर से कोई दुख या माफी व्यक्त नहीं की गई। इसके बजाय अमेरिका ने यह कहा कि अमेरिकी सेना के आदेशों का तुरंत पालन किया जाए और किसी भी तरह के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राहुल गांधी ने कहा कि एक स्वतंत्र और स्वाभिमानी देश इस तरह की भाषा कभी स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मुद्दे पर चुप हैं और अमेरिका के आदेशों का पालन कर रहे हैं। राहुल गांधी ने पोस्ट में प्रधानमंत्री को Compromised PM कहते हुए लिखा कि वह देश के सम्मान की रक्षा नहीं करेंगे, क्योंकि जो लोग देश का अपमान करते हैं, वही उन पर प्रभाव रखते हैं। राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट के जरिए सरकार की विदेश नीति और इस मामले में उसके रुख पर सवाल उठाए हैं।
इस मामले पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की हत्या के बाद मोदी सरकार का मौन शर्मनाक है। अमेरिका इन हत्याओं पर अफसोस जताने और माफी मांगने की जगह धमकी और आदेश की भाषा इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को सख्ती से यह बताने की जरूरत है कि भारत एक संप्रभु और स्वतंत्र देश है जो अपनी संप्रभुता की रक्षा करना जानता है। लेकिन हमारे Compromised प्रधानमंत्री न देशवासियों की सुरक्षा कर पा रहे हैं, न ही देश की संप्रभुता की।
प्रियंका गांधी ने आगे कहा कि अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की हत्या के बाद मोदी सरकार का मौन शर्मनाक है। अमेरिका इन हत्याओं पर अफसोस जताने और माफी मांगने की जगह धमकी और आदेश की भाषा इस्तेमाल कर रहा है। अमेरिका को सख्ती से यह बताने की जरूरत है कि भारत एक संप्रभु और स्वतंत्र देश है जो अपनी संप्रभुता की।




