छत्तीसगढ़ की सेंट्रल यूनिवर्सिटी में पेपर लीक, परीक्षा से पहले ही छात्रों तक पहुंचे प्रश्नपत्र

बिलासपुर के गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय का समर्थ पोर्टल हैक होने से हड़कंप मच गया है। सेमेस्टर परीक्षाओं के बीच पेपर लीक और हजारों छात्रों के संवेदनशील डेटा चोरी होने की गहरी आशंका है।

Updated: May 30, 2026, 01:17 PM IST

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में उस समय हड़कंप मच गया जब विश्वविद्यालय के समर्थ पोर्टल के हैक होने की जानकारी सामने आई। मामले ने इसलिए और गंभीर रूप ले लिया क्योंकि विश्वविद्यालय में इस समय स्नातक और स्नातकोत्तर समेत विभिन्न पाठ्यक्रमों की सेमेस्टर परीक्षाएं जारी हैं। पोर्टल में सेंधमारी की खबर के साथ ही परीक्षा प्रश्नपत्र लीक होने और छात्रों के संवेदनशील डेटा के सार्वजनिक होने की आशंकाएं भी जताई जा रही हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच के लिए पांच सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित कर दी है।

जानकारी के अनुसार, कुछ छात्रों तक परीक्षा से पहले ऐसे प्रश्नपत्र पहुंचने का दावा किया गया है जिनके प्रश्न वास्तविक परीक्षा में पूछे गए सवालों से मेल खाते बताए जा रहे हैं। इसी आधार पर पेपर लीक की आशंका व्यक्त की जा रही है। हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि फिलहाल प्रश्नपत्र लीक होने के कोई ठोस प्रमाण उनके पास उपलब्ध नहीं हैं और पूरे मामले की जांच जारी है।

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बताया जा रहा है कि समर्थ पोर्टल में हुई कथित हैकिंग के कारण परीक्षा और प्रशासनिक कार्यों से जुड़ा महत्वपूर्ण डेटा प्रभावित हो सकता है। विश्वविद्यालय के लगभग 32 विभागों से संबंधित प्रश्नपत्रों और अन्य गोपनीय शैक्षणिक दस्तावेजों के प्रभावित होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। वहीं, यह भी दावा किया गया है कि कुछ लोगों ने कथित प्रश्नपत्र विश्वविद्यालय प्रबंधन को सौंपे हैं लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वे वास्तविक प्रश्नपत्र हैं या नहीं।

घटना की जानकारी मिलने के बाद शुक्रवार शाम विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई गई। बैठक में पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की गई और जांच के लिए विशेषज्ञों एवं अधिकारियों को शामिल करते हुए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया गया। समिति को सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पोर्टल में सेंध कैसे लगी और सुरक्षा में चूक कहां हुई।

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विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी प्रो. मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि फिलहाल केवल पोर्टल हैक होने की जानकारी सामने आई है। जबकि, प्रश्नपत्र लीक होने के संबंध में अभी तक कोई प्रमाणित तथ्य नहीं मिले हैं।

समर्थ पोर्टल विश्वविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया, परीक्षा संचालन, शैक्षणिक रिकॉर्ड, प्रशासनिक दस्तावेजों और विद्यार्थियों से जुड़ी विभिन्न सेवाओं के संचालन का प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इस पोर्टल पर छात्रों की आधार संबंधी जानकारी, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और शैक्षणिक दस्तावेज जैसी महत्वपूर्ण सूचनाएं सुरक्षित रखी जाती हैं। ऐसे में यदि डेटा सुरक्षा में किसी प्रकार की चूक हुई है तो हजारों छात्रों की निजी जानकारी प्रभावित हो सकती है।

पोर्टल में कथित हैकिंग की खबर के बाद छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि परीक्षा और प्रवेश से जुड़ी लगभग सभी महत्वपूर्ण जानकारियां इसी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहती हैं। यदि लॉगिन या व्यक्तिगत जानकारी किसी गलत हाथ में पहुंचती है तो उसके दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

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दूसरी ओर कई छात्रों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और विश्वविद्यालय की साइबर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की मांग की है। प्रशासन भी तकनीकी एजेंसियों और संबंधित संस्थानों के साथ मिलकर यह पता लगाने में जुटा है कि आखिरकार पोर्टल को कैसे निशाना बनाया गया।

इस बीच 32 विभागों से जुड़े प्रश्नपत्रों के परीक्षा से पहले प्रभावित होने की आशंका ने विश्वविद्यालय की गोपनीय परीक्षा प्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि जांच में आरोप सही साबित होते हैं तो यह उच्च शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा सुरक्षा तंत्र के लिए एक गंभीर चुनौती मानी जाएगी। फिलहाल सभी की नजरें फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की रिपोर्ट पर टिकी हैं जो पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करेगी।