बीजेपी की रैली के चलते भोपाल के कई स्कूलों में रही छुट्टी, DEO के निर्देश पर कुछ ने बदला समय

भोपाल के सेंट जोसेफ कॉन्वेंट को-एड, सेंट जेवियर स्कूल, सेंट थॉमस कॉन्वेंट, कार्मेल कॉन्वेंट और आनंद विहार स्कूल में बुधवार को विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित किया गया था।

Updated: Nov 04, 2026, 06:06 PM IST

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भोपाल। बीजेपी की 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' रैली के चलते बुधवार को राजधानी भोपाल के कई स्कूलों में छुट्टी रही। शहर में संभावित ट्रैफिक जाम और यातायात डायवर्जन को देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा और आवागमन में होने वाली परेशानी के मद्देनजर यह फैसला लिया। वहीं, कुछ स्कूलों ने छुट्टी घोषित करने की बजाय अपने संचालन का समय बदल दिया।

जानकारी के अनुसार राजधानी के सेंट जोसेफ कॉन्वेंट को-एड (अरेरा कॉलोनी), सेंट जेवियर स्कूल, सेंट थॉमस कॉन्वेंट, कार्मेल कॉन्वेंट (बीएचईएल) और आनंद विहार स्कूल में बुधवार को विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित किया गया था। इसके अलावा बाल भवन स्कूल, मॉडल स्कूल और कमला नेहरू स्कूल के समय में बदलाव किया गया।

भोपाल जिला शिक्षा अधिकारी अभिनव आर्य ने 3 नवंबर को सभी सरकारी और निजी स्कूलों के प्राचार्यों को एडवाइजरी जारी की थी। इसमें स्कूल प्रबंधन को अपने यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों के आवागमन के रास्तों और स्कूल वाहनों की स्थिति का आकलन कर आवश्यक निर्णय लेने को कहा गया था। जिला शिक्षा अधिकारी के मुताबिक किसी भी स्कूल को बंद करने का कोई अनिवार्य आदेश नहीं दिया गया था। स्कूल प्रबंधन को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार छुट्टी घोषित करने या समय में बदलाव करने संबंधी फैसला स्वविवेक से लेने के लिए कहा गया था।

दरअसल, बीजेपी की रैली बुधवार सुबह 10 बजे टीटी नगर के अटल पथ क्षेत्र में आयोजित की गई। इसमें 40 से 50 हजार लोगों के शामिल होने का अनुमान था। रैली के मद्देनजर टीटी नगर, रोशनपुरा, लिंक रोड नंबर-1 और 2, भदभदा, जवाहर चौक, पॉलिटेक्निक और बाणगंगा समेत कई इलाकों में यातायात डायवर्जन किया गया। ऐसे में स्कूल बसों और निजी वाहनों से आने-जाने वाले विद्यार्थियों को परेशानी होने की आशंका थी।

बुधवार को भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' पदयात्रा महज 20 मिनट में पूरी हो गई, लेकिन इसके लिए की गई ट्रैफिक व्यवस्था ने हजारों लोगों के दैनिक जीवन को प्रभावित किया। एक तरफ पदयात्रा में शामिल होने के लिए आई बसों की कतारें सड़कों पर लगी रहीं, दूसरी तरफ आम लोग अस्पताल, स्कूल और जरूरी कामों के लिए रास्ता तलाशते रहे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस दौरान एक मां अपने छह महीने के बीमार बच्चे को गोद में लेकर अस्पताल जाने के लिए परेशान होती रही। तेज धूप में मां की गोद में बुखार से तपता मासूम बिलखता रहा लेकिन भाजपा के नेता डीजे के तेज आवाज पर नाचते रहे। अब सवाल ये है कि 20 मिनट के राजनीतिक कार्यक्रम के लिए शहर के इतने बड़े हिस्से की आवाजाही क्यों रोक दी गई? जब 700 पुलिसकर्मी तैनात थे, तो आम लोगों के लिए वैकल्पिक रास्तों की व्यवस्था क्यों नहीं की गई?

बच्चों के भविष्य से बड़ा कुछ नहीं: पटवारी

स्कूल बंद किए जाने को लेकर विपक्ष ने राज्य की भाजपा सरकार पर हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि भोपाल में भाजपा फिर भाड़े की भीड़ जुटा रही है। इसलिए प्रशासन ने स्कूलों को समय बदलने या छुट्टी करने के निर्देश दे दिए। उन्होंने पूछा कि भाजपा की रैली का खामियाजा बच्चे और अभिभावक क्यों भुगतें? क्या मध्य प्रदेश में अब बच्चों की पढ़ाई भी भाजपा के कार्यक्रमों की मोहताज हो गई है? पटवारी ने कहा कि सत्ता के अहंकार में डूबी मोहन सरकार याद रखे कि बच्चों के भविष्य से बड़ा कुछ नहीं है।