BJP जितना डायवर्ट करेगी, संदेह उतना ही गहरा होगा, CWC की बैठक में राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर बोले खड़गे

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि लोगों ने यह सोच कर इसमें दिल खोल कर चंदा दिया कि ट्रस्ट प्रधानमंत्री जी ने बनाया है, इसलिए ईमानदारी से काम होगा। लेकिन वहां पर भारी घोटाला हुआ पर PM मोदी मौन हैं।

Updated: Aug 19, 2026, 04:42 PM IST

नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी की सर्वोच्च नीति निर्धारक इकाई CWC की बैठक बुधवार को दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में हुई। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कांग्रेस के तमाम दिग्गज मौजूद रहे। इस दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी से लेकर चीनी घुसपैठ व छात्र और युवाओं के मुद्दों पर बात की।

CWC को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आज हमारी सामूहिक चिंता का सबसे बड़ा बिंदु युवा हैं। आज़ादी की 80 साल हो गए पर कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में स्थितियां बेहतर होनेकी जगह बदतर होती जा रही हैं। दुनिया का सबसे युवा देश भारत ही है औऱ युवा हमारा भविष्य हैं। पर सरकार की गलत नीतियों ने हमारे युवाओं को भारी हताशा के दलदल में धकेल दिया है। सांप्रदायिक उन्माद और रेवड़ी कल्चर की होड़ में सबसे अधिक उपेक्षा युवाओं के शिक्षा और रोजगार की हुई है।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि इस मौके पर मैं राजीव गांधी जी का खासतौर पर स्मरण करना चाहूंगा। कल उनकी जन्म जयंती है। उन्होंने प्रचंड बहुमत की सरकार में रहते हुए अपनी नीतियों के केंद्र में नौजवानों को रखा था। राजीव जी ने युवाओं को बड़ी भूमिका मिले, इस इरादे से voting की उम्र 21 साल से घटा कर 18 साल की। देश के हर जिले में नवोदय विद्यालयों का नेटवर्क खड़ा किया। स्वामी विवेकानंद की जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप मे मनाने का सिलसिला उसी दौरान आरंभ हुआ।

कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे कहा कि उन्होंने व्यापक विचार मंथन के बाद जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति तैयार कराई, उसमें डिग्री के साथ रोजगार और skill development को जोड़ा। महिलाओं और कमजोर तबकों को इसमें खास जगह मिली। इन बातों को हमारी आगे की सरकारों ने आगे बढाया। UPA सरकार में शिक्षा अधिकार से लेकर संस्थाओं के निर्माण औऱ विकास को गति मिली। लेकिन जब युवाओं पर चर्चा होती है तो हमारे कई साथी, इन बातों को मजबूती से नहीं रखते हैं, जबकि ये हमारी बड़ी उपलब्धियां हैं। इसी के साथ IT और संचार क्रांति की भी बड़ी उपलब्धि है जिसने 21वीं सदी के भारत को शक्ति दी।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि आजादी के बाद से कांग्रेस के व्यापक प्रयासों की ही देन यह रहाकि देश में सस्ती और सुलभ शिक्षा मिली, जिससे सामाजिक-आर्थिक विकास का रास्ता गरीब औऱ कमजोर तबकों के लिए खुला। लेकिन पिछले 12 वर्षों में मोदी सरकार ने युवाओं के भविष्य को तबाह कर दिया है। नए स्कूल खुलने की जगह 94 हजार स्कूल हाल के सालों में बंद हो गए हैं। निजीकरण की होड़ में उच्च शिक्षा लगातार महंगी और आम परिवारों की पहुँच से बाहर होती जा रहीहै। शिक्षा संस्थानों में RSS के लोगों का कब्जा होता जा रहा है। इस हालात में भी जब पढ लिख कर युवा नौकरी की तलाश में निकलता है, तो पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में घोटाला और नियुक्तियों में देरी से उसका सामना होता है। इसमें सबसे बुरी हालत गरीब औऱ कमजोर हैसियत वाले बच्चों की होती है।

खड़गे ने कहा कि इसीलिए पूरे देश भर में युवाओं में जो रोष उभरा है वो कोई एक दिन का नहीं है। इस सरकार के पास उनकी बातें सुनने की फुरसत कभी रही नहीं। सरकार समस्या को टालने के लिए हर बार कोई temporary उपाय खोजती रही। इसलिए उनको सड़क पर उतरने को मजबूर होना पड़ा। कांग्रेस ने उनकी दिक्कतों को अपने agenda में लिया है। राहुल गांधी जी ने “छात्रों की गूँज” कार्यक्रम के माध्यम से उनकीबातों को राष्ट्रीय पटल पर रखा है।संसद मे भी हम सबने प्रयास किया कि शिक्षा और परीक्षा के सवाल पर व्यापक मंथन हो। छात्रों पर हुई ज्यादती पर चर्चा हो, जवाबदेही तय हो। पर मोदीजी और अमित शाहजी पूरे मानसून सत्र में सवालों से बचते रहे। अब वे बोलने लगे हैं पर युवाओं के सवालों की जगह गैर मुद्दों को ही तूल दे रहे हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे कहा कि इसी तरह आम लोगों के भरोसे से जुड़ा दूसरा अहम सवाल राम मंदिर से जुड़ा है। राम मंदिर में हुए भारी घोटाले का मुद्दा जन जन के बीच गूंज रहा है। राम मंदिर निर्माण के लिए प्रधानमंत्री जी ने संसद में ट्रस्ट के गठन की घोषणा की थी। सोच विचार कर उन्होंने अपने लोगों को ट्रस्ट में रखा होगा। आम लोगों ने यह सोच कर इसमें दिल खोल कर चंदा, सोना- चांदी दिया कि ट्रस्ट प्रधानमंत्री जी ने बनाया है इसलए ईमानदारी से काम होगा। लेकिन वहां पर भारी घोटाला सामने आया है। लोग सवाल पूछ रहे हैं पर मोदी जी लगातार मौन हैं।

खड़गे ने कहा कि देश जानना चाहता है कि वहां कितना चढ़ावा आया, कितना सोना-चांदी और अन्य बहुमूल्य सामग्री आई? उसका लेखा-जोखा क्या है? केवल चंद छोटे लोगों को जेल भेजने भर से ये मामला समाप्त नहीं होगा। इस मुद्दे को BJP जितना divert करेगी, लोगों के मन में संदेह उतना ही गहरा होगा। इसलिए मोदी जी को इस मामले में आस्थावान जनता से क्षमा मांगनी चाहिए और इस मसले पर जवाब देना चाहिए।

चीनी घुसपैठ के मुद्दे पर खड़गे ने कहा कि पिछले दिनों चीन द्वारा हमारी सीमा में अतिक्रमण से जुड़े गंभीर तथ्य सामने आए हैं। सरकार को इस पर ईमानदारी से बात रखनी चाहिए थी, पर आदत के मुताबिक सरकार ने सूत्रों के पीछे छिपते हुए इन खबरों को गलत बताया है। हमारा स्पष्ट मत है - राष्ट्रीय सुरक्षा पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। पर राष्ट्रीय सुरक्षा की किसी भी स्तर पर अनदेखी भी नहीं होनी चाहिए। हमारी देश की सीमाओं की वास्तविक हकीकत क्या है, ये देश के नागरिकों को जानने का अधिकार है। 2020 के गलवान झड़प के बाद देश ने प्रधानमंत्री जी का वो बयान सुना था कि “न कोई घुस आया है और न कोई घुसा हुआ है”। 6 वर्ष बाद भी सीमा से जुड़े गंभीर सवाल उठ रहे हैं पर सरकार स्पष्ट जानकारी नहीं दे रही।

कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे कहा कि सेना बखूबी अपना काम कर रही है। हम जवानों के जज्बे और जोश को सलाम करते हैं। हमारा सवाल सरकार से है। लोकतंत्र में सरकार की जवाबदेही हमें सुनिश्चित करना है।युवाओं का भविष्य, जनता की आस्था और देश की सीमाएँ-ये तीनों के केंद्र में एक ही सवाल है: क्या यह सरकार जनता के भरोसे के लायक है? कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि आज की इस कार्यसमिति की बैठक में हमें इन विषयों पर गंभीरता से विचार करने के साथ देश के सामने विकल्प, नीति और समाधान भी रखना होगा। उन्होंने कहा कि हमारा भरोसा है कि आप सभी इन बातों पर गौर करेंगे। क्योंकि तत्काल हमारे सामने पांच राज्यों के चुनाव हैं, उसकी तैयारी शुरू हो चुकी है।