ज्यूडिशियल इंक्वायरी और पब्लिक हियरिंग के बिना जिम्मेदारी तय नहीं होगी, भागीरथपुरा कांड पर बोले दिग्विजय सिंह
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी के कारण अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इस मामले की न्यायिक जांच और पब्लिक हियरिंग की मांग की है।
इंदौर। इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी के कारण अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है। पीड़ितों को न्याय की मांग को लेकर कांग्रेस लगातार विरोध प्रदर्शन कर रही है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी पीड़ितों से मिलने इंदौर आ रहे हैं। वे 17 जनवरी को बॉम्बे अस्पताल और भागीरथपुरा में पीड़ितों से मिलने पहुंचेंगे। इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इस मामले में ज्यूडिशियल इंक्वायरी और पब्लिक हियरिंग की मांग की है।
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बयान जारी कर कहा कि इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल पीने के कारण कई परिवार उजड़ गए लेकिन अबतक उस पर कोई ज़िम्मेदारी तय नहीं हो पाई है। जब तक पब्लिक हियरिंग के साथ न्यायिक जांच नहीं होगी, तब तक ज़िम्मेदारी तय नहीं की जा सकती। कुछ छोटे-छोटे कर्मचारियों को निलंबित किया गया है, तबादला किया गया है, लेकिन जो निर्णय करने वाली शक्तियां हैं, उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
सिंह ने कहा कि इस घटना को लेकर अलग-अलग लोगों के बारे में आज चर्चा हो रही है। एक वर्ग कहता है कि अधिकारी-कर्मचारियों को मुख्यमंत्री मोहन यादव का आदेश है कि महापौर और स्थानीय नेताओं की बात सुनने की आवश्यकता नहीं है। सीएम ने उन्हें कह रखा है कि इंदौर में जो तुम ठीक समझते हो वो करो।
सिंह ने कहा कि महापौर से लेकर बड़े-बड़े भाजपा नेता मंद स्वरों में शिकायत करते हैं कि साहब हमारे अधिकारी सुनते नहीं हैं। और उस बात को ये बल देते हैं कि मुख्यमंत्री जी का आदेश है कि आपको किसी की बात सुनने की आवश्यकता नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी-कर्मचारियों का कहना है कि 2022 के बजट में निर्णय हो गया था कि पाइपलाइन चेंज होना चाहिए। ठेका देने के लिए टेंडर भी निकाला गया लेकिन टेंडर मंज़ूर नहीं हुआ। इसलिए मंजूर नहीं हुआ क्योंकि वार्ड मेंबर के चहेते अलग ठेकेदार हैं, महापौर के ठेकेदार अलग हैं, और बड़े नेताओं के चहेते ठेकेदार और हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घटना के लिए पूरी तरह भाजपा शासन के ज़िम्मेदार लोग दोषी हैं। सिंह ने कहा कि ये तब तक साबित नहीं होगा जब तक किसी भी उच्च न्यायालय के अध्यक्षता में ज्यूडिशियल इंक्वायरी नहीं होगी और वो पब्लिक हियरिंग नहीं होगी। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें पब्लिक हियरिंग होना चाहिए जिसमें शासकीय दस्तावेज़ों को पब्लिक किया जाना चाहिए, तभी जाकर तय हो पाएगा कि आख़िर इसके लिए ज़िम्मेदार कौन है।
सिंह ने सीएम मोहन यादव से पूछा कि क्या आप साहस दिखाएंगे कि इस पूरे घटनाक्रम की न्यायिक जांच हो, पब्लिक हियरिंग हो और दोषी व्यक्तियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई हो? उन्होंने कहा कि अगर निर्णय लेने में मेयर-इन-काउंसिल और महापौर की ग़लती है तो उन पर भी उनके इस्तीफ़े होने चाहिए। यदि प्रशासकीय अधिकारियों की ग़लती है तो उनको दंडित किया जाना चाहिए और ये बात भी साफ़ होना चाहिए कि मुख्यमंत्री जी किस प्रकार के आदेश हैं कि तुमको स्थानीय नेताओं की बात नहीं सुनना है।
सिंह ने जोर देकर कहा कि इन सब बातों के लिए एकमात्र विकल्प है ज्यूडिशियल इंक्वायरी, न्यायिक जांच, जिसमें कि पब्लिक हियरिंग के माध्यम से सारे जो सरकारी डॉक्यूमेंट्स हैं वो जनता के सामने ये सारी बातें आएं, तथ्य आएं, तभी जाकर हम पता लगा पाएंगे। बता दें कि इंदौर पीड़ितों को न्याय की मांग को लेकर कांग्रेस लगातार विरोध प्रदर्शन कर रही है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी पीड़ितों से मिलने इंदौर आ रहे हैं। वे 17 जनवरी को बॉम्बे अस्पताल और भागीरथपुरा में पीड़ितों से मिलने पहुंचेंगे।
राहुल गांधी का शेड्यूल
* 09:30 – 11:00: विशेष विमान द्वारा दिल्ली से इंदौर
* 11:15 – 11:45: सड़क मार्ग से इंदौर एयरपोर्ट से बॉम्बे हॉस्पिटल
* 11:45 – 12:15: बॉम्बे हॉस्पिटल में इंदौर जल प्रदूषण त्रासदी के कारण भर्ती पीड़ितों से मुलाकात
* 12:15 – 12:45: सड़क मार्ग से बॉम्बे हॉस्पिटल से भागीरथपुरा
* 12:45 – 13:45: इंदौर जल प्रदूषण त्रासदी से प्रभावित परिवारों से भेंट
* 13:45 – 14:15: सड़क मार्ग से भागीरथपुरा से इंदौर एयरपोर्ट
* 14:30 – 16:00: विशेष विमान द्वारा इंदौर से दिल्ली




