AIIMS भोपाल की हालत खराब, पिछले वर्ष की तुलना में 56 हजार सर्जरी कम हुई
यहां एक से दो हफ्ते तक रुकने के बाद भी वह कोई खास सेवाएं नहीं ले रहे। वित्तीय वर्ष 2023- 24 में यहां 11 हजार 547 माइनर सर्जरी, 18 हजार 156 मेजर सर्जरी हुई हैं।

भोपाल। राजधानी भोपाल एम्स से मरीज का भरोसा उठने लगा है। जिस कारण यहां इनकी संख्या में भारी गिरावट आई है। दरअसल इसका कारण दवा और ऑपरेशन कंज्यूमेबल्स में आई कमी है। वहीं यह कमी केंद्रीय एजेंसी पर भरोसा दिखाने के कारण हुई। जिससे कई मरीज बिना सर्जरी के ही घर लौट रहे।
यहां एक से दो हफ्ते तक रुकने के बाद भी वह कोई खास सेवाएं नहीं ले रहे। एम्स की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त 2024 तक यहां मरीजों का आंकड़ा 687 था। जो इस साल अगस्त तक 4 हजार 508 पर है। जिससे पिछले साल अगस्त की तुलना में 56 हजार सर्जरी कम हुई है। दरअसल यह स्थिति जनवरी 2025 में बनी थी जो अभी भी है।
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वित्तीय वर्ष 2023- 24 में यहां 11 हजार 547 माइनर सर्जरी, 18 हजार 156 मेजर सर्जरी हुई हैं। और 6 लाख 98 हजार प्रोसीजर हुए। इस मामले में एम्स के सीनियर डॉक्टर ने बताया कि हमें मरीजों को वापस लौटाना पड़ रहा। पिछले 8 महीने से यही स्थिति है हम यही सुनते हैं कि स्थिति अब सुधरेगी लेकिन कोई सुधार नहीं है। वहीं एम्स की स्थिति इतनी खराब है यहां ग्लव्स, सर्जिकल कैप, मास्क, शुगर टेस्टिंग स्ट्रिप जैसी बुनियादी चीज भी उपलब्ध नहीं है।